
Publicuwatch24.com-रायगढ़। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए एसीबी-ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) की टीम लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में शनिवार को रायगढ़ जिले से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एसीबी की टीम ने आबकारी विभाग के उप निरीक्षक संतोष कुमार नारंग को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
कैसे शुरू हुआ मामला?
पूरा मामला 20 अगस्त 2025 से जुड़ा है। उस दिन धर्मजयगढ़ निवासी सुनीत टोप्पो ने एसीबी इकाई बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त को उप निरीक्षक नारंग ग्राम पंडरी महुआ पहुंचे और शिकायतकर्ता के घर पर अवैध शराब बनाने का आरोप लगाया। इस दौरान नारंग ने उसकी मां से भी कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नारंग ने कड़ी कार्रवाई से बचाने के नाम पर उससे 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर सुनीत टोप्पो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने का निश्चय किया और सीधे एसीबी से संपर्क किया।
एसीबी ने रची ट्रैप की योजना
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने तुरंत सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसीबी टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। निर्धारित योजना के तहत, 30 अगस्त 2025 शनिवार को शिकायतकर्ता सुनीत टोप्पो को तय राशि लेकर खरसिया स्थित आबकारी कार्यालय भेजा गया। यहां जैसे ही आरोपी उप निरीक्षक संतोष नारंग ने 50 हजार रुपए की रिश्वत ली, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।
मौके से बरामद राशि और गिरफ्तारी
कार्रवाई के दौरान एसीबी ने मौके से पूरी राशि 50 हजार रुपए जब्त कर ली। इसके साथ ही आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई की गई। बाद में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार और जांच एजेंसियां मिलकर आम नागरिकों को न्याय दिलाने और रिश्वतखोरी जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस कार्रवाई ने आम जनता में एक सकारात्मक संदेश भेजा है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर छोटे-छोटे आरोप लगाकर सरकारी अधिकारी लोगों से पैसा वसूलते हैं। ऐसे में एसीबी की तत्परता और सख्त कार्रवाई से पीड़ित लोगों में विश्वास बढ़ा है।
रायगढ़ में गूंजा एसीबी का शिकंजा
यह कार्रवाई रायगढ़ जिले में चर्चाओं का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं। लोग अब उम्मीद जता रहे हैं कि एसीबी की इस कार्रवाई से अन्य अधिकारियों को भी सबक मिलेगा और विभागीय कामकाज पारदर्शी होगा। वहीं, एसीबी अधिकारियों का कहना है कि राज्यभर में इस तरह की कार्यवाहियां लगातार चलती रहेंगी और किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा, यदि वह भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया।