
publicuwatch24.com,बस्तर । आजादी के 75 साल बाद भी बस्तर में शासन की तमाम योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है. ये हम नहीं बल्कि एक सर्वे के बाद जो आंकड़े आए है वह कह रहे है।
आजादी के बाद पहली बार बस्तर में दिव्यांगों की पहचान के लिए दिव्यांगों का अलग से सर्वे का काम पूरा हुआ. जिसके बाद पता चला कि 8746 में 7020 के पास ये कार्ड नहीं है।
जाने क्यों जरूर है ये कार्ड
यदि आप दिव्यांग हैं और सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं तो जल्द अपना यूडीआडी (विशिष्ट दिव्यांगजन प्रमाण पत्र) कार्ड बना लें. इसके लिए आपको अपने सीएससी या समाज कल्याण विभाग के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र जाना होगा।
दिव्यांगों को विशिष्ट पहचान पत्र के रूप में स्मार्ट यूडीआईडी कार्ड दिया जा रहा है. इस कार्ड के जरिए दिव्यांग देशभर में कहीं भी इलाज करा सकते हैं. इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए राज्य ओर केंद्र स्तर पर चलाई जाने वाली योजनाओं का लाभ भी इस कार्ड से उठाया जा सकता है।
ऐसे करें अप्लाई
यूडीआइडी कार्ड बनाने के लिए सबसे पहले आपको सीएससी या जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र जाना होगा. यदि घर पर इंटरनेट की व्यवस्था है तो http://www.swavlambancard.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा. वेबसाइट यूनिक डिसैबिलिटी आईडी की वेबसाइट खुलते ही इसके दाईं तरफ ‘अप्लाई फार डिसैबिलिटी सर्टिफिकेट एंड यूडीआइडी कार्ड’ आप्शन पर क्लिक करना होगा. इसी आप्शन के नीचे यूडीआइडी कार्ड नवीनीकरण का भी आप्शन मौजूद है. ध्यान रखने वाली बात ये है कि कार्ड बनाने के लिए आपका समाज कल्याण विभाग में पंजीयन होना व विकलांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड होना जरूरी है।
ये होंगे लाभ
यूडीआइडी कार्ड बनने के बाद दिव्यांगों को दस्तावेजों की कई प्रतियां बनाकर हर समय अपने पास रखने जरूरत नहीं होगी. यह कार्ड सभी आवश्यक विवरणों को कैप्चर करेगा जो कि एक रीडर की मदद से डीकोड किया जा सकता है. इसके अलावा भविष्य में किसी योजना का लाभ उठाने के लिए इस कार्ड को सत्यापन के एकल दस्तावेज के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।