publicuwatch24.-दुर्ग। जिला अस्पताल में 1 यूनिट ब्लड नहीं मिलने से सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित युवती की मौत हो गई। इस लापरवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2 डॉक्टरों समेत 7 लोगों पर कार्रवाई की है। 4 स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया गया है। जांच रिपोर्ट में बात सामने आई है कि, फीमेल वार्ड से ब्लड बैंक की दूरी 30-40 कदम थी। 85 यूनिट खून उपलब्ध था। इसके बावजूद ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने खुद ब्लड बैंक जाकर मरीज के लिए खून लाने की कोई कोशिश नहीं की। डोनर नहीं होने की जानकारी सीनियर अधिकारियों को नहीं दी, जिससे युवती की जान चली गई। वहीं, 2 डॉक्टरों पर भी निगरानी और इलाज में लापरवाही के आरोप हैं।
दीपिका गाड़ा (20) भिलाई के मरोदा इलाके की रहने वाली थी। वह सिकल सेल एनीमिया की मरीज थी और कई दिनों से बीमार चल रही थी। परिजनों के मुताबिक, उसके हाथ-पैर, कमर और पूरे शरीर में तेज दर्द था।30 मई की रात करीब 11 बजे उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। जांच में डॉक्टरों ने बताया कि शरीर में खून की मात्रा बहुत कम है और तुरंत ब्लड चढ़ाने की जरूरत है। परिजनों का आरोप है कि, अस्पताल ने 3 यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और वे तुरंत डोनर नहीं ला सके। उन्होंने अस्पताल और ब्लड बैंक से कम से कम एक यूनिट खून देने की गुहार लगाई ताकि इलाज शुरू हो सके, लेकिन उन्हें खून नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार अस्पताल कर्मचारियों से मदद मांगी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इलाज के दौरान 1 जून को दीपिका की मौत हो गई।
