publicuwatch24.-दुर्ग। जिले की 7 वर्षीय बालिका मीमांसा साहू ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता महाराष्ट्र के पुणे स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मिलिट्री स्कूल, फूलगांव में आयोजित की गई थी। मीमांसा साहू ने बेहद कम उम्र में यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस सफलता से परिवार, स्कूल और जिले में खुशी का माहौल है।
मीमांसा मात्र 7 वर्ष की हैं और वे 3 साल की उम्र से ही कूडो मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इससे पहले भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाई थी। पिछले वर्ष सूरत में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने एक सिल्वर और एक कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस सफलता में उनके प्रशिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ट्रेनर राजा कौशल और लिलिमा मैम के मार्गदर्शन में मीमांसा लगातार प्रशिक्षण लेती रही हैं, जिसका परिणाम इस राष्ट्रीय जीत के रूप में सामने आया है।
मीमांसा साहू दुर्ग के बोरसी स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल में कक्षा दूसरी की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार ने भी गर्व व्यक्त किया है। परिजनों ने मीमांसा की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में मीमांसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेगी। मीमांसा की यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उत्साह जगा रही है।
Trending
- छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव- 16 जून से ऑनलाइन हाजिरी और लीव जरूरी, लापरवाही पर रुकेगा जून का वेतन
- सुशासन तिहार बना संबल: पुरोचन साहू को मिली बैटरी चलित ट्राइसाइकिल, बढ़ा आत्मविश्वास
- बलौदाबाजार को 3.5 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने किया भूमिपूजन और लोकार्पण
- विधायक रोहित साहू बने निक्षय मित्र, टीबी मुक्त भारत अभियान को दिया जनसहभागिता का संदेश
- छत्तीसगढ़ के पशु चिकित्सालय में दुर्लभ सिजेरियन ऑपरेशन, तीन स्वस्थ मेमनों का जन्म
- उम्मीदों को मिले नए पहिए: अबूझमाड़ के युवाओं ने साइकिल रिपेयरिंग सीखकर शुरू की आत्मनिर्भरता की नई राह
- सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल
- स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान
Saturday, June 13
