वर्षों पुरानी जरूरत हुई पूरी, अब आसान होगा आवागमन और रोजगार संचालन
publicuwatch24.-रायपुर। शासन की जनकल्याणकारी पहल सुशासन तिहार 2026, आम लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव भी ला रही है। इस अभियान के माध्यम से जरूरतमंदों की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं का त्वरित निराकरण कर उन्हें नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई जा रही है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले के पद्दा टोला निवासी दिव्यांग हितग्राही पुरोचन साहू की, जिनकी वर्षों पुरानी आवश्यकता सुशासन तिहार के माध्यम से पूरी हुई।
बाजार, कार्यस्थल जाने में लगता था काफी समय और श्रम
75 प्रतिशत अस्थि बाधित पुरोचन साहू अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दुकानदारी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। दैनिक जीवन में आवागमन उनके लिए सबसे बड़ी कठिनाइयों में से एक था। बाजार, कार्यस्थल और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में उन्हें काफी समय और श्रम लगाना पड़ता था, जिसका सीधा असर उनके रोजगार पर भी पड़ता था।
परीक्षण उपरांत मिली बैटरी चलित ट्राइसाइकिल
सुशासन तिहार 2026 के दौरान आयोजित समाधान शिविर में साहू ने बैटरी चलित ट्राइसाइकिल की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। उनकी आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए आवेदन का परीक्षण किया गया और स्वीकृति के उपरांत समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें बैटरी चलित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई।
आत्मविश्वास के साथ व्यवसाय का करेंगे संचालन
कलेक्ट्रेट परिसर में ट्राइसाइकिल प्राप्त करते समय पुरोचन साहू की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने कार्यस्थल तक आने-जाने में किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बैटरी चलित ट्राइसाइकिल मिलने से उनका समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा वे अधिक सुविधा और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर सकेंगे।
केवल साधन नहीं, आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत
पुरोचन साहू ने भावुक होकर कहा कि यह सहायता उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत है। इससे वे अपने काम को और बेहतर ढंग से आगे बढ़ा पाएंगे तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने का सपना साकार कर सकेंगे। पुरोचन साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार ने उनकी वर्षों पुरानी जरूरत को पूरा कर उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान किया है। यह पहल वास्तव में शासन और आमजन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभरी है।
