कभी बरसात में टपकती छत और सीलन से थे परेशान, अब प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना
ग्राम पंचायत कोटया के जयानंदन दास की बदली जिंदगी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद
publicuwatch24.-अम्बिकापुर । कभी मिट्टी के कच्चे मकान में बरसात की बूंदों से बचने की चिंता, तो कभी सीलन, छत टपकने और मकान के क्षतिग्रस्त होने का डर। हर बारिश अपने साथ नई परेशानियां लेकर आती थी। लेकिन अब ये परेशानियां बीते दिनों की बात हो गई हैं। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटया निवासी जयानंदन दास की, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने एक सुखद बदलाव लाया है। वर्षों से पक्के मकान का सपना संजोए जयानंदन दास आज अपने पक्के आवास में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
मिट्टी के घर में हर बरसात बन जाती थी चुनौती
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए जयानंदन दास बताते हैं कि पहले उनका मकान मिट्टी का बना हुआ था। बरसात के दिनों में पानी और सीलन से काफी परेशानी होती थी। घर में चूहों का डर बना रहता था और कच्चे मकान के क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी सताती थी। बारिश के मौसम में घर को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती थी। कभी मकान की टूट-फूट तो कभी मरम्मत की जरूरत से परिवार परेशान रहता था।
जयानंदन दास बताते हैं कि कच्चे मकान में रहने के दौरान उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पक्के घर की चाहत तो थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनकी इस चाहत को हकीकत में बदल दिया है।
अब न बारिश के पानी की चिंता, न बार-बार मरम्मत की परेशानी
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जयानंदन दास को पक्का आवास मिला, जिसका निर्माण उन्होंने पूरा कर लिया है। आज उनका परिवार पक्की छत के नीचे सुरक्षित महसूस कर रहा है। बरसात के दिनों में पानी और सीलन की परेशानी से राहत मिली है। अब उन्हें पहले की तरह बार-बार मकान की मरम्मत कराने की चिंता नहीं सताती।
जयानंदन दास के लिए यह पक्का मकान केवल चारदीवारी और छत नहीं, बल्कि वर्षों की परेशानियों से मिली राहत और सुरक्षित भविष्य का आधार है। अपने घर को देखकर उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलकती है।
जयानंदन दास बोले- विष्णु भईया के कारण मिला पक्का आवास, बहुत-बहुत धन्यवाद
अपने पक्के आवास को लेकर खुशी जाहिर करते हुए जयानंदन दास स्थानीय बोली में कहते हैं, “पहिली मिट्टी के घर रहिस सर, बहुत समस्या रहिस। बरखा पानी म परेशानी होवत रहिस, चूहे घर मन घलो दिक्कत रहिस। अब पक्का घर बन गे हे, पानी ले बचत हन, अब मरम्मत के चिंता नइ हे। प्रधानमंत्री आवास योजना ले मोला आवास मिलिस हे, एकर बर विष्णु भईया ला बहुत-बहुत धन्यवाद।”
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गांव के अन्य पात्र परिवारों के भी पक्के मकान बन रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से गरीब परिवारों का अपने पक्के घर में रहने का सपना पूरा हो रहा है।
पक्के आवास ने दी सुरक्षित जीवन की नई उम्मीद
जयानंदन दास की सेवा की कहानी बताती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) किस तरह जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। कच्चे मकान की परेशानियों से निकलकर पक्के घर तक का उनका सफर केवल आवास निर्माण की उपलब्धि नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन, सम्मान और सुकून की नई शुरुआत है।
