Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    कवर्धा में किसानों का प्रदर्शन स्थगित, गन्ने की कीमत 329 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति

    October 10, 2026

    प्रेमी से मिलने आई युवती, फिर होटल के कमरे में दे दी जान, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

    October 10, 2026

    राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद अधिकारियों ने किया चित्रकोट का भ्रमण, पारंपरिक गौर नृत्य से हुआ स्वागत

    October 10, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • कवर्धा में किसानों का प्रदर्शन स्थगित, गन्ने की कीमत 329 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति
    • प्रेमी से मिलने आई युवती, फिर होटल के कमरे में दे दी जान, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार
    • राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद अधिकारियों ने किया चित्रकोट का भ्रमण, पारंपरिक गौर नृत्य से हुआ स्वागत
    • साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सशक्त और विकसित भारत का सपना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    • करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    • CM साय ने की साइबर जागृति अभियान की सराहना, कहा- कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अपराध में आई कमी
    • सेवा की कहानी : ’महतारी वंदन योजना से बेटी के भविष्य को संवार रहीं सुषमा राजवाड़े’
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, October 10
    Publicuwatch24
    • Home
    • रायपुर

      राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद अधिकारियों ने किया चित्रकोट का भ्रमण, पारंपरिक गौर नृत्य से हुआ स्वागत

      October 10, 2026

      साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

      October 10, 2026

      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सशक्त और विकसित भारत का सपना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

      October 10, 2026

      करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

      October 10, 2026

      CM साय ने की साइबर जागृति अभियान की सराहना, कहा- कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अपराध में आई कमी

      October 9, 2026
    • छत्तीसगढ
    • सम्पादकीय
      • बिलासपुर
      • बस्तर
      • दुर्ग
      • सरगुजा
    • राष्ट्रीय
      • दिल्ली
      • मध्य प्रदेश
    • अंतरराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • खेल
    • बिज़नेस
    • धर्म आध्यात्म
    • Contact
    Publicuwatch24
    Home » करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    रायपुर

    करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    Publicuwatch AutherBy Publicuwatch AutherOctober 10, 2026No Comments0 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

    कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण

    करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

    कंवर समाज के सामाजिक भवनों एवं सांस्कृतिक मंच के लिए 90 लाख रुपए तथा राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा

    publicuwatch24.-रायपुर। करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिकता का संदेश देता है। बदलते समय के बीच कंवर समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना ही किसी समाज की वास्तविक शक्ति है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा आयोजित भव्य करमा परब महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।
    मुख्यमंत्री साय ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और करमा तिहार की खुशियां समाजजनों के साथ साझा कीं। उन्होंने भादो एकादशी व्रत एवं करमा तिहार की सभी समाजजनों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कंवर समाज के लिए कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, राजधानी रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए तथा कांकेर के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए कंवर समाज युवा प्रभाग और सभी सामाजिक पदाधिकारियों की सराहना की।
    *प्रकृति और मानव जीवन के अटूट संबंध का उत्सव है करमा तिहार*
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा तिहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच अटूट संबंध का उत्सव है। इस पर्व में करम डार की पूजा की जाती है। समाज के बेटे-बेटियां श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर विधि-विधान से करम डार की पूजा-अर्चना करते हैं। रात्रि जागरण में पारंपरिक करमा गीत और नृत्य उत्सव में उल्लास भरते हैं। अगले दिन करम डार के विसर्जन के पश्चात व्रत का पारण किया जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा, विश्वास और संरक्षण की भावना को अभिव्यक्त करती है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को कभी केवल संसाधन नहीं माना, बल्कि उसे जीवन का आधार और हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग माना है। जल, जंगल और जमीन के साथ हमारा रिश्ता केवल आवश्यकता का नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का भी है। करमा तिहार जैसी परंपराएं इसी संबंध को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजबूत करती आई हैं।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण की इसी भावना को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया है। देशभर में बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़कर पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधरोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
    *संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार भी जरूरी*
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से नशामुक्ति को लेकर समाज के भीतर हो रही सार्थक पहल सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।
    उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संस्कार, संगठन और जागरूकता आवश्यक हैं। हमारी युवा पीढ़ी आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़े, नए अवसरों का लाभ उठाए, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को भी हमेशा साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक एकजुटता को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि करमा परब महोत्सव का आयोजन युवा प्रभाग द्वारा किया जाना विशेष प्रसन्नता की बात है। यह इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को लेकर सजग है और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभा रही है।
    *जनजातीय समाज का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में*
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु विराजमान हैं। यह पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता के साथ कहा कि आज छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी आपके बीच का आपका अपना ‘विष्णु भैया’ है। हमारी सरकार जनजातीय समाज के प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पक्के आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास को गति दी जा रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ जनजातीय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में वास्तविक बदलाव आए।
    *युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, रोजगार और खेल पर विशेष जोर*
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय युवाओं सहित प्रदेश के सभी युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। बस्तर अंचल में लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं की सुविधा के लिए दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। इससे प्रदेश के अधिक युवाओं को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य की नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि हमारे युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाले ही नहीं, बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जनजातीय अंचलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों।
    *किसानों के हित में सरकार ने पूरे किए महत्वपूर्ण वादे*
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनने के बाद किसानों से किया गया दो वर्षों के लंबित धान बोनस का वादा पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, सुशासन दिवस पर प्रदेश के किसानों के खातों में 3,716 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। सरकार का प्रयास है कि खेती लाभकारी बने और अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली आए।
    *वनांचल के परिवारों की आजीविका और सम्मान की चिंता*
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। इससे प्रदेश के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक भाई-बहनों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। वनांचल के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
    *महतारी वंदन से बढ़ा माताओं-बहनों का आत्मविश्वास*
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत लाखों महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति, बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ करने में सहायक बन रही है।
    उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण पूरे परिवार और समाज को मजबूत करता है। महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी नई मजबूती दी है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। आज प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
    *अपनी जड़ों से जुड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें*
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा तिहार जैसे पर्व हमारी सामाजिक एकता, सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना से परिचित होने का अवसर मिलता है।
    उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए शिक्षा, सामाजिक सुधार, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक अवसरों का लाभ उठाएं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
    अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का सदैव पालन करना चाहिए। पर्यावरण के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ प्राकृतिक असंतुलन का कारण बनती है, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
    इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूप सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, पूर्व कैबिनेट मंत्री ननकी राम कंवर, प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष  हरवंश सिंह मिरी, कंवर समाज रायपुर महानगर के अध्यक्ष  मनोहर सिंह पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    Publicuwatch Auther
    • Website

    Related Posts

    राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद अधिकारियों ने किया चित्रकोट का भ्रमण, पारंपरिक गौर नृत्य से हुआ स्वागत

    October 10, 2026

    साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    October 10, 2026

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सशक्त और विकसित भारत का सपना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    October 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    × Popup Image
    RO No 13722/1
    Top Posts

    अंडमान-निकोबार में बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भूमिका, 620 करोड़ के पोर्ट प्रोजेक्ट्स में तेजी के निर्देश

    December 26, 2025233

    दुर्ग में मोतीलाल बोरा और ताम्रध्वज साहू, तो रायपुर में सत्यनारायण शर्मा ने डाला वोट, कहा- कांग्रेस को मिल रही बढ़त

    April 23, 201971

    रायपुर को साफ-सुथरा रखने मुख्यमंत्री 17 को 84 नए सफाई वाहनों की देंगे सौगात

    April 16, 202341

    Entertainment Industry Choreographers Are Starting to Unionize

    March 10, 202229
    Don't Miss
    छत्तीसगढ

    कवर्धा में किसानों का प्रदर्शन स्थगित, गन्ने की कीमत 329 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति

    By Publicuwatch AutherOctober 10, 20260

    publicuwatch24.-कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा में चल रहा किसानों का प्रदर्शन स्थगित हो गया है. भारतीय…

    प्रेमी से मिलने आई युवती, फिर होटल के कमरे में दे दी जान, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

    October 10, 2026

    राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद अधिकारियों ने किया चित्रकोट का भ्रमण, पारंपरिक गौर नृत्य से हुआ स्वागत

    October 10, 2026

    साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    October 10, 2026
    About Us

    Publicuwatch24.com

    The News Portal - A reliable and genuine news source.

    Owner and Editor :- Piyush sharma
    Contact Number :- 7223911372
    Address :- Shyam Nagar Near Maharana Pratap Gardan Raipur Chhattisgarh

    Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
    Our Picks

    कवर्धा में किसानों का प्रदर्शन स्थगित, गन्ने की कीमत 329 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति

    October 10, 2026

    प्रेमी से मिलने आई युवती, फिर होटल के कमरे में दे दी जान, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

    October 10, 2026

    राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन के बाद अधिकारियों ने किया चित्रकोट का भ्रमण, पारंपरिक गौर नृत्य से हुआ स्वागत

    October 10, 2026
    Most Popular

    अंडमान-निकोबार में बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भूमिका, 620 करोड़ के पोर्ट प्रोजेक्ट्स में तेजी के निर्देश

    December 26, 2025233

    दुर्ग में मोतीलाल बोरा और ताम्रध्वज साहू, तो रायपुर में सत्यनारायण शर्मा ने डाला वोट, कहा- कांग्रेस को मिल रही बढ़त

    April 23, 201971

    रायपुर को साफ-सुथरा रखने मुख्यमंत्री 17 को 84 नए सफाई वाहनों की देंगे सौगात

    April 16, 202341
    © 2026 Website Designed by RT Internet Services.
    • Home

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.