सेवानिवृत्त 7 शासकीय सेवकों को पेंशन प्राधिकार पत्र और देय स्वत्वों के आदेश सौंपे गए
publicuwatch24.-धमतरी। किसी शासकीय कर्मचारी के लिए सेवानिवृत्ति केवल सेवा से विदाई का दिन नहीं होता। यह उस लंबे सफर का पड़ाव होता है, जिसमें वर्षों की मेहनत, जिम्मेदारियां, चुनौतियां और अनगिनत अनुभव जुड़े होते हैं। खासकर शिक्षा विभाग में बिताए वर्षों की सेवा के साथ अनेक विद्यार्थियों का भविष्य और संस्थाओं की कार्यसंस्कृति भी जुड़ी होती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी में ऐसे ही सात शासकीय सेवकों को सम्मान के साथ विदाई दी गई।
30 सितंबर को अधिवार्षिकीय सेवा आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए सात शासकीय सेवकों को जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने पेंशन प्राधिकार पत्र, विभिन्न देय स्वत्वों के स्वीकृति आदेश तथा पौधा प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में औपचारिक विदाई के साथ आत्मीयता का भाव भी दिखाई दिया।
सम्मान पाने वालों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सोरम के प्राचार्य शंकर लाल देवांगन, शासकीय हाईस्कूल सोरम की व्याख्याता ज्योति बिबियाना मिंज, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला संकरी के व्याख्याता हरिराम गेंडरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अटंग के व्याख्याता जीवन लाल साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिरसिदा के शिक्षक सुभाषचंद नागे, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भटगांव के शिक्षक गोविन्द राम मीनपाल तथा शासकीय हाईस्कूल गुहाननाला के सहायक ग्रेड-3 मोरजध्वज मरकाम शामिल हैं।
पौधा बना नई शुरुआत का प्रतीक
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पौधा भेंट करना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। यह पौधा केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा से जीवन के अगले पड़ाव की ओर बढ़ने का संदेश भी है। जिस तरह एक पौधा समय, देखभाल और धैर्य से बढ़कर वृक्ष बनता है, उसी तरह इन कर्मचारियों का वर्षों का अनुभव भी समाज और नई पीढ़ी के लिए उपयोगी विरासत है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति शासकीय दायित्वों से विराम है, लेकिन अनुभव और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से नहीं। उन्होंने कहा कि सेवाकाल में अर्जित अनुभवों का उपयोग परिवार, समाज और जनहित से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है।
समय पर पेंशन प्राधिकार पत्र से मिला संतोष
सेवानिवृत्ति के साथ ही पेंशन और अन्य देय स्वत्वों की प्रक्रिया पूरी होना कर्मचारी के लिए महत्वपूर्ण होता है। कार्यक्रम में समय पूर्व पेंशन प्राधिकार पत्र और विभिन्न देय स्वत्वों के स्वीकृति आदेश प्राप्त होने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार जताया।
विभाग द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण कर उन्हें उनके देय लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से यह संदेश भी गया कि सेवा का सम्मान केवल कार्यकाल के दौरान नहीं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी विभाग की संवेदनशील जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त हुए चार शासकीय सेवकों को भी पेंशन प्राधिकार पत्र जारी कर सम्मानित किया गया था। यह पहल सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के प्रति सम्मान और संवेदनशील प्रशासन की भावना को मजबूत करती है।
कार्यक्रम में डॉ. रवीन्द्र नाथ मिश्र, यदुनंदन सिंह वर्मा, सहायक संचालक कीर्तिकुमार साहू, पेंशन शाखा प्रभारी रूपेन्द्र कुमार साहू सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा की यह कहानी एक सुंदर संदेश छोड़ गई—जिम्मेदारियों का एक अध्याय भले ही पूरा हो जाए, लेकिन वर्षों की सेवा से अर्जित अनुभव कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वह परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा उपयोगी बना रहता है।
