रायपुर। चावल सहित अन्य सामग्री के आवंटन के बावजूद कोटे की दुकानों तक परिवहन करने में नागरिक आपूर्ति निगम पूरी तरह से फेल हो गया है। रायपुर के शहरी इलाकों को छोड़ दिया जाए तो अभनपुर, धरसींवा, तिल्दा, आरंग के ग्रामीण अंचलों में सरकारी राशन दुकानों तक अनाज का परिवहन नहीं हो पाया है।
वहीं खाद्य शाखा भी मार्च के कोटे का चावल आवंटन करने में चूक गया है। इधर, नागरिक आपूर्ति निगम परिवहन करने के लिए वाहनों की कमी की समस्या बता रहा है। जिले में तीन लाख 56 हजार 723 राशनकार्डधारी हैं। वहीं करीब 582 कोटे की दुकानें हैं।
बता दें कि ग्रामीण अंचल में करीब 75 हजार गरीबों के सामने फांके की स्थिति बन गई है। इसके पीछे कारण है कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है। ऊपर से कोटे की दुकान से मिलने वाले चावल का भी इस समय भरोसा नहीं है। इस बात की जानकारी होने के बाद प्रशासनिक अमला निर्वाचन में ही उलझा हुआ है।
अब अनाज भी नहीं मिल रहा
अभनपुर के पचरी गांव के हीरामन ध्रुव ने कहा कि किसी तरह मजदूरी कर गृहस्थी चलाते हैं। लेकिन मनरेगा की दो माह से मजदूरी नहीं मिली है। अब कोटे की दुकान में अनाज का स्टॉक नहीं पहुंचने से उधारी में चावल खरीदने के लिए मजबूर हैं।
कोटेदार खुद अनाज का परिवहन को मजबूर
अधिकांश ग्रामीण अंचल के कोटेदार खुद ही अनाज का परिवहन करने को मजबूर हैं, क्योंकि नागरिक आपूर्ति निगम चावल का परिवहन करने में खास रुचि नहीं ले रहा है। ऐसी स्थिति में कोटेदार ही खुद के खर्चे पर भंडारण केंद्र से चावल लाने के लिए विवश हैं
पिछले माह का ही नहीं मिला राशन
अभी ग्रामीण अंचलों में पिछले माह का ही चावल नहीं मिला है। जबकि कोटे की दुकानों का स्टॉक ही खत्म हो गया है। इसके लिए खाद्य विभाग को सूचित भी कर दिया गया था। कोटे की दुकानों की स्थिति का जायजा लेने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों को फुर्सत तक नहीं।
क्षेत्रीय खाद्य निरीक्षकों की टीम नहीं जाती गांवों में
अपने संबंधित क्षेत्रों में खाद्य निरीक्षकों की टीम गांवों में मौजूद कोटे की दुकानों में तक कभी नहीं जाती। इससे कार्डधारियों के सामने आने वाली समस्या की जानकारी विभागों को नहीं मिल पाती है। इसकी शिकायत भी पूर्व में अभनपुर के जनप्रतिनिधियों ने की थी।
अनाज का आवंटन किया जा चुका है। इसके परिवहन की जिम्मेदारी नागरिक आपूर्ति निगम की है। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। – अनुराग भदौरिया, खाद्य नियंत्रक
अनाज के आवंटन के लिए वाहनों की संख्या कम है। वैसे शहरी इलाकों में विभाग का परिवहन ठीक है। कुछ ग्रामीण इलाकों में परिवहन नहीं होने से दिक्कत है, जिसे शीघ्र दूर कर लिया जाएगा। -आरबी शुक्ला, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम