publicuwatch24.-कवर्धा। कलेक्टर श्रीमती तूलिका प्रजापति ने कलेक्टर सभागार में आयोजित जनदर्शन में वनांचल क्षेत्र से पहुंचे बैगा आदिवासी सहित आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं मांगों की जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करते हुए समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा निराकरण की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
लता साहू कहती हैं विष्णु भइया के सहयोग से पलायन की मजबूरी छूटी, आज लखपति दीदी के रूप में बनी नई पहचान
बिहान से जुड़कर बदली जिंदगी, डीपीआरसी में कैंटीन संचालन से सालाना 2 से 2.50 लाख की आय
कवर्धा, 01 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर कबीरधाम जिले के ग्राम सेमो निवासी श्रीमती लता साहू के जीवन में दिखाई देता है। कभी परिवार के भरण-पोषण के लिए पति के साथ दूसरे शहरों में मजदूरी करने वाली लता आज अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार से जुड़कर लखपति दीदी के रूप में अपनी नई पहचान बना चुकी हैं।
लता साहू बिहान योजना से जुड़कर जय मां संतोषी स्व-सहायता समूह की सदस्य बनीं और वर्तमान में समूह की सचिव हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। पति के सहयोग से उन्होंने कैंटीन का कार्य शुरू किया और वर्तमान में कबीरधाम जिले के डीपीआरसी में कैंटीन का संचालन कर रही हैं। इसके साथ ही विवाह, छठी एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में भोजन बनाने का कार्य भी करती हैं। इन गतिविधियों से उन्हें सालाना लगभग 2 लाख से 2.50 लाख तक की आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब उन्हें रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ता। उनकी तीनों बेटियां पढ़ाई कर रही हैं और लता उन्हें अच्छी शिक्षा देकर डॉक्टर बनाने का सपना देख रही हैं।
लता साहू अपने संघर्ष को याद करते हुए कहती हैं कि पहले परिवार चलाने के लिए गांव छोड़कर बाहर मजदूरी करने जाना पड़ता था। वह समय बहुत कठिन था। आज अपने ही क्षेत्र में रहकर काम कर रही हूं। कैंटीन मेरे लिए रोजगार के साथ लोगों को कम कीमत में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम भी है। आज मैं अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हूं और अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बेहतर सोच पा रही हूं।
आज लता की मेहनत और आत्मनिर्भरता ने उन्हें परिवार के साथ-साथ समाज में भी सम्मान दिलाया है। उनकी सास भी उनकी सफलता पर गर्व करते हुए कहती हैं-“मोर किस्मत अच्छा हवय, जेन मोला लता जइसने बहू मिले हे।” अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं और मिले अवसरों को देते हुए लता कहती हैं “विष्णु भइया के योजना और सहयोग से आज मैं लखपति दीदी बनी हूं। पहले रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था, आज अपने क्षेत्र में रहकर काम कर रही हूं। मेरे परिवार को मुझ पर गर्व है। मैं अपने विष्णु भइया को दिल से धन्यवाद देती हूं।”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बिहान योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को मजबूत कर महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि ग्रामीण महिलाएं अब केवल परिवार तक सीमित न रहकर आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं और अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ समाज में सम्मानजनक पहचान बना रही हैं।
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Tuesday, September 1
