publicuwatch24.-रायपुर। किसानों को धान बेचने के लिए दूर-दराज के उपार्जन केंद्रों तक जाने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए प्रदेश में 354 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल के नेतृत्व में विभाग की ओर से यह निर्णय किसानों को उनके क्षेत्र के नजदीक धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
नए केंद्र शुरू होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे परिवहन का खर्च और समय दोनों बचने की उम्मीद है। सरकार ने नवीन केंद्रों के चयन में किसानों की सुविधा और केंद्र तक उनकी सुगम पहुंच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
बेमेतरा जिले में कई नए केंद्र स्वीकृत
354 नए धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति का लाभ बेमेतरा जिले को भी मिला है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पिपरिया, कंदई, सांकरा, भाठासोरही, गांगपुर, लालपुर, बटार, करचुवा, मजगवां, एरमशाही और तेंदू सहित कई स्थानों पर नवीन धान उपार्जन केंद्र स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं नवागढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए भी कई नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इनमें पुटपुरा, ठेंगा भाठ, बाघुल, नांदल, गाड़ामोर और तोरा सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
केंद्रों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
सरकार की ओर से जारी आदेश में नए धान खरीदी केंद्रों के चयन और संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। जहां मंडी या उपमंडी के प्रांगण उपलब्ध हैं, वहां उनका उपयोग धान खरीदी के लिए करने को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
इसके अलावा केंद्रों पर पर्याप्त समतल और ऊंची भूमि, धान के सुरक्षित रख-रखाव के लिए पर्याप्त जगह और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली और प्रकाश, पेयजल तथा आवागमन के लिए उचित रास्ते की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
धान खरीदी व्यवस्था को किसान-केंद्रित बनाने पर जोर
राज्य सरकार का कहना है कि नए केंद्रों के खुलने से धान खरीदी की व्यवस्था अधिक सुलभ होगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय को सरकार की किसान-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां अब तक धान बेचने के लिए उन्हें अपेक्षाकृत दूर स्थित केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। किसानों ने भी नजदीकी स्तर पर धान खरीदी की सुविधा बढ़ाने के इस निर्णय का स्वागत किया है।
Trending
- छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय : मुख्यमंत्री साय
- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026- गढ़ कलेवा के स्टॉल में स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद ले रहे नागरिक
- राज्योत्सव के शिल्पग्राम में बिखरी झारा आर्ट कलाकृतियों की छटा
- मुख्यमंत्री साय ने देखा सारंग टीम का रोमांचकारी हवाई करतब: नवा रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखा आत्मीय पत्र, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
- राज्योत्सव 2026: 36 विभूतियों को मिलेगा प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने की घोषणा
- छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी पहल: मीडिया कर्मियों के लिए ‘स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना-2026’ का प्रारूप जारी
- बिहान योजना से जशपुर की ग्रामीण महिलाएं बन रहीं लखपति दीदी, स्वरोजगार से मिल रही नई पहचान
Monday, November 2
