चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी गई जानकारी, विद्यार्थियों ने स्वयं कॉल कर समझी सहायता की प्रक्रिया
publicuwatch24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों एवं संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी एवं हाई स्कूल कुलीपोटा में बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा इसके सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बालिका की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष तथा बालक की न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से पहले विवाह कराना अथवा उसमें सहयोग करना कानूनन दंडनीय अपराध है।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले अथवा किसी नाबालिग बच्चे या बच्ची का विवाह कराया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि समय पर सूचना देकर बाल विवाह को रोका जा सकता है और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं 1098 पर कॉल कर कॉल टेस्टिंग के माध्यम से हेल्पलाइन की प्रक्रिया को समझा और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी ली।
विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा बाल अधिकारों और संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
