Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

    September 3, 2026

    जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की

    September 3, 2026

    गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में चलेगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

    September 3, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक
    • जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की
    • गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में चलेगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
    • UCC पर धनेंद्र साहू का सरकार पर हमला, बोले- समाजों की परंपराओं से न हो छेड़छाड़; मास्टर प्लान और मेट्रो को लेकर भी उठाए सवाल
    • 6 सालों से पुल का निर्माण अधूरा, जान जोखिम में डाल स्कूल जा रहे बच्चे, इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
    • महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री पर आधा हुआ पंजीयन शुल्क, साय सरकार के फैसले से बढ़ा स्वामित्व का अधिकार
    • धान से गेंदा की खेती की ओर बढ़े आनंद राम, 0.400 हेक्टेयर में कमाया 3.96 लाख रुपए, गांव के अन्य किसान भी हुए प्रेरित
    • बाल संरक्षण को लेकर प्रदेशभर में जागरूकता अभियान तेज
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, September 3
    Publicuwatch24
    • Home
    • रायपुर

      मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

      September 3, 2026

      जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की

      September 3, 2026

      गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में चलेगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

      September 3, 2026

      UCC पर धनेंद्र साहू का सरकार पर हमला, बोले- समाजों की परंपराओं से न हो छेड़छाड़; मास्टर प्लान और मेट्रो को लेकर भी उठाए सवाल

      September 3, 2026

      6 सालों से पुल का निर्माण अधूरा, जान जोखिम में डाल स्कूल जा रहे बच्चे, इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

      September 3, 2026
    • छत्तीसगढ
    • सम्पादकीय
      • बिलासपुर
      • बस्तर
      • दुर्ग
      • सरगुजा
    • राष्ट्रीय
      • दिल्ली
      • मध्य प्रदेश
    • अंतरराष्ट्रीय
    • मनोरंजन
    • खेल
    • बिज़नेस
    • धर्म आध्यात्म
    • Contact
    Publicuwatch24
    Home » बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम
    रायपुर

    बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम

    Publicuwatch AutherBy Publicuwatch AutherSeptember 2, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email WhatsApp

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण मॉडल
    खेत का 5 प्रतिशत हिस्सा जल संरक्षण के लिए देने की किसानों की अनूठी पहल बनी मिसाल
    जल संचय जन भागीदारी के तीन चरणों में प्रदेश में 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पंजीयन
    सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल
    मुख्यमंत्री साय ने हर राज्य के लिए ‘कैच द रेन’ प्लान, स्टेट वाटर अवार्ड्स और त्रैमासिक समीक्षा का दिया सुझाव

    publicuwatch24.-रायपुर। बारिश की हर बूंद को सहेजने और उसे धरती के भीतर पहुंचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने देश के सामने जनभागीदारी का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य के पांच जिले भी जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाने में सफल रहे हैं।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की। सम्मेलन के ‘कैच द रेन’ सत्र में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य में वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
    सम्मेलन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल सहित विभिन्न राज्यों के जल संसाधन मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    *जल संरक्षण को सरकारी कार्यक्रम नहीं, जनअभियान बनाया : मुख्यमंत्री साय*
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण को केवल शासकीय योजनाओं और जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रखा है। किसानों, ग्राम पंचायतों, जल सखियों, जल मित्रों और स्थानीय समुदायों को इससे जोड़कर इसे व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया गया है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और अपने गृहग्राम बगिया में हल चलाकर खेती कर चुके हैं। इसलिए खेती और ग्रामीण जीवन में पानी का महत्व उन्होंने बहुत करीब से देखा और समझा है। किसान के लिए पानी केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि उसकी फसल, परिवार, आजीविका और भविष्य से जुड़ा विषय है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की योजनाओं के केंद्र में किसान और गांव को रखा गया है।
    उन्होंने कहा कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में लगभग चार प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला छत्तीसगढ़ ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। यह उपलब्धि केवल जल संरचनाओं की संख्या की नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति प्रदेश में विकसित हो रही सामूहिक चेतना और जनभागीदारी की भी उपलब्धि है।
    *कोरिया से निकला ‘5 प्रतिशत मॉडल’, किसान स्वयं दे रहे जमीन*
    मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन में कोरिया जिले से शुरू हुए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ का विशेष उल्लेख किया। यह मॉडल जल संरक्षण में किसानों की स्वैच्छिक भागीदारी का अभिनव उदाहरण है।
    इस पहल के अंतर्गत किसान अपनी कृषि भूमि का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा भू-जल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन के लिए स्वेच्छा से उपलब्ध करा रहे हैं। इस हिस्से में ऐसी जल संरचनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें बारिश का पानी खेत से बहकर बाहर जाने के बजाय वहीं एकत्र हो और धीरे-धीरे जमीन के भीतर समाहित हो सके।
    इस मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें किसान जल संरक्षण के केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं। किसान अपनी भूमि उपलब्ध करा रहे हैं, पंचायतें और स्थानीय समुदाय सहयोग कर रहे हैं तथा विभिन्न विभागों और योजनाओं के समन्वय से जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
    जल संरचनाओं की जियो-टैगिंग, नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। जल सखी, जल मित्र, किसान और पंचायत प्रतिनिधि गांवों में जल संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।
    खेत में ही वर्षा जल को रोकने से भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने के साथ सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। लंबे समय में इससे खेती की वर्षा पर निर्भरता कम करने और जल सुरक्षा बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
    *JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम*
    जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीनों चरणों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पहले दो चरणों में देश में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद तीसरे चरण में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
    ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के प्रथम चरण JSJB 1.0 में छत्तीसगढ़ में 4 लाख 5 हजार 561 जल संरचनाएं बनाई गईं। इस चरण में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा।
    दूसरे चरण JSJB 2.0 में प्रदेश में 24 लाख 7 हजार 456 जल संरचनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 23 लाख 7 हजार 768 जल संरचनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। इस चरण में भी छत्तीसगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया।
    अब तीसरे चरण JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस चरण में प्रदेश में 79 हजार 775 जल संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से 77 हजार 719 जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है।
    इस प्रकार अभियान के अलग-अलग चरणों में छत्तीसगढ़ ने बड़े पैमाने पर जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की संरचनाओं को विकसित और दर्ज किया है। इन प्रयासों का मूल उद्देश्य बारिश के पानी को बहकर बाहर जाने से रोकना, स्थानीय स्तर पर उसका संचयन करना और अधिक से अधिक पानी को जमीन के भीतर पहुंचाना है।
    *छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 में*
    राज्य स्तर की उपलब्धि के साथ ही छत्तीसगढ़ के जिलों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जल संरक्षण के क्षेत्र में सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुए हैं।
    इन जिलों में जल संरक्षण को स्थानीय समुदायों से जोड़ते हुए गांव और पंचायत स्तर पर वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्य किए गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप जल संरचनाओं के निर्माण के साथ लोगों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि जब शासन की योजनाओं के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है, तो जल संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य को भी जनांदोलन का रूप दिया जा सकता है।
    *26 से घटकर 19 हुए पानी की कमी वाले ब्लॉक*
    राज्य में किए जा रहे जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पानी की कमी वाले ब्लॉकों की संख्या 26 से घटकर 19 रह गई है। साथ ही पांच क्रिटिकल ब्लॉकों के भी सामान्य श्रेणी में आने का अनुमान है।
    भू-जल की स्थिति में सुधार के लिए राज्य में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के साथ पुराने जल स्रोतों के संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, जल संरचनाओं की मैपिंग और स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।
    *‘जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ के मंत्र को जमीन पर उतार रहा छत्तीसगढ़*
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन – जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ के संदेश को छत्तीसगढ़ ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप धरातल पर उतारा है। प्रदेश की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में वहां की आवश्यकता और जल उपलब्धता के अनुसार जल संचयन तथा भू-जल पुनर्भरण की संरचनाएं विकसित की जा रही हैं।
    राज्य का प्रयास है कि बारिश का अधिकतम पानी गांव और खेत की सीमा के भीतर ही रोका जाए। इससे न केवल भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सिंचाई, पेयजल और अन्य स्थानीय जरूरतों के लिए जल उपलब्धता को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के अपने अनुभवों, नवाचारों और सफल मॉडलों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
    *हर राज्य का हो अपना ‘कैच द रेन’ प्लान : मुख्यमंत्री साय*
    मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन में देशभर में जल संरक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
    उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, वर्षा के स्वरूप, भू-जल स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अलग ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करे। इससे जल संरक्षण के लिए राज्यवार स्पष्ट लक्ष्य और रणनीति निर्धारित की जा सकेगी।
    उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ प्रारंभ करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने BISAG-N के माध्यम से जल संरचनाओं की मैपिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन महीने में समीक्षा करने का भी सुझाव दिया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी – इन तीनों के समन्वय से जल संरक्षण के प्रयासों को अधिक परिणाममूलक बनाया जा सकता है।
    *जल संरक्षण से खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती*
    देश में 31 मई 2027 तक दो करोड़ नई जल संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
    बारिश का पानी खेतों और गांवों में रोकने तथा उसे जमीन में पहुंचाने से भू-जल स्तर में सुधार के साथ सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है। इसका सीधा लाभ खेती को मिल सकता है और किसानों की मानसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
    जल उपलब्धता बेहतर होने से कृषि और उससे जुड़े आजीविका के अवसरों को भी मजबूती मिल सकती है। गांवों में पेयजल स्रोतों की स्थिति बेहतर होने से परिवारों, विशेषकर महिलाओं को पानी जुटाने में लगने वाले समय और श्रम में भी कमी आ सकती है।
    छत्तीसगढ़ का यह मॉडल बताता है कि जल संरक्षण केवल संरचनाओं के निर्माण का विषय नहीं है। यह सरकार, किसान, पंचायत और समाज की साझा जिम्मेदारी है। खेत का एक छोटा-सा हिस्सा पानी के लिए छोड़ने से शुरू हुई पहल भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के बड़े अभियान का आधार बन सकती है।
    शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    Publicuwatch Auther
    • Website

    Related Posts

    मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

    September 3, 2026

    जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की

    September 3, 2026

    गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में चलेगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

    September 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    × Popup Image
    RO No 13722/1
    Top Posts

    अंडमान-निकोबार में बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भूमिका, 620 करोड़ के पोर्ट प्रोजेक्ट्स में तेजी के निर्देश

    December 26, 2025233

    रायपुर को साफ-सुथरा रखने मुख्यमंत्री 17 को 84 नए सफाई वाहनों की देंगे सौगात

    April 16, 202340

    दुर्ग में मोतीलाल बोरा और ताम्रध्वज साहू, तो रायपुर में सत्यनारायण शर्मा ने डाला वोट, कहा- कांग्रेस को मिल रही बढ़त

    April 23, 201934

    प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी को राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह की तारीफ करना रास नहीं आया

    December 11, 202028
    Don't Miss
    रायपुर

    मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

    By Publicuwatch AutherSeptember 3, 20260

    प्रमुख विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दिए आवश्यक निर्देश publicuwatch24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री…

    जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की

    September 3, 2026

    गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में चलेगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

    September 3, 2026

    UCC पर धनेंद्र साहू का सरकार पर हमला, बोले- समाजों की परंपराओं से न हो छेड़छाड़; मास्टर प्लान और मेट्रो को लेकर भी उठाए सवाल

    September 3, 2026
    About Us

    Publicuwatch24.com

    The News Portal - A reliable and genuine news source.

    Owner and Editor :- Piyush sharma
    Contact Number :- 7223911372
    Address :- Shyam Nagar Near Maharana Pratap Gardan Raipur Chhattisgarh

    Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
    Our Picks

    मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक

    September 3, 2026

    जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की

    September 3, 2026

    गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजनाओं में चलेगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

    September 3, 2026
    Most Popular

    अंडमान-निकोबार में बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भूमिका, 620 करोड़ के पोर्ट प्रोजेक्ट्स में तेजी के निर्देश

    December 26, 2025233

    रायपुर को साफ-सुथरा रखने मुख्यमंत्री 17 को 84 नए सफाई वाहनों की देंगे सौगात

    April 16, 202340

    दुर्ग में मोतीलाल बोरा और ताम्रध्वज साहू, तो रायपुर में सत्यनारायण शर्मा ने डाला वोट, कहा- कांग्रेस को मिल रही बढ़त

    April 23, 201934
    © 2026 Website Designed by RT Internet Services.
    • Home

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.