publicuwatch24.-रायपुर। विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही की शुरुआत पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ वरिष्ठ विधायकों ने तीजन बाई के योगदान को याद किया. एक्ज़िक्यूटिवब्रांच
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था. पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है. जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी अत्यंत सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं. डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है. उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है.
नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह सदन में पहला अवसर है, जब हम किसी पदम् सम्मान से सम्मानित विभूति पर चर्चा कर रहे हैं. डॉ. तीजन बाई का जाना हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है. मैं अपने विधायक दल की ओर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.
सँस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ का गौरव विश्व पटल पर स्थापित किया. मैं अपने मंत्रालय की ओर से श्रद्धांजलि देता हूँ. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ऐसे परिवार से थीं, जहाँ शिक्षा का अभाव रहा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस देश को गौरान्वित किया. उनका जीवन कर्म हम सबके लिए प्रेरित करने वाला है.
संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन बेहद संघर्षमय रहा है. लेकिन कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने पंडवानी गायन के माध्यम से खुद को स्थापित किया. छत्तीसगढ़ को गौरांवित किया. उनका जाना पूरी दुनिया लोक कला के लिए एक बड़ी क्षति है.
पंडवानी गायिका तीजन बाई को लेकर मंत्री गजेंद्र यादव सहित विधायक किरण सिंह देव, अनुज शर्मा, अनिला भेड़िया, कुँवर सिंह निषाद, भईया लाल कोरसेवाड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए. इसके साथ सदन में श्रद्धांजलि देने के बाद 5 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
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Friday, November 6
