publicuwatch24.-रायपुर। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में परिवारजनों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाओं की चर्चा की।
यादव ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका सांस्कृतिक योगदान, व्यक्तित्व और कला सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिवंगत डॉ. तीजन बाई के प्रशंसकों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए बैठक, भोजन, आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने परिवारजनों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आश्वस्त किया कि राज्य शासन इस अवसर पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे, ग्रामवासी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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Friday, November 6
