publicuwatch24.-रायपुर. छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान देने की घोषणा की है. उनके सम्मान में गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” रखा जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को गनियारी पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा के दौरान यह घोषणा की.
रायपुर एम्स में कई दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार 6 जुलाई को पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया. इस खबर से पूरे कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम गनियारी लेकर पहुंचे. जहां मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
सांस्कृतिक चेतना के स्वर्णिम अध्याय का अवसान
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी वाणी और आजीवन समर्पण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई. उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की.
मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोकपरंपराओं, संस्कृति और कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा. उनकी कला साधना, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा.
शिक्षा मंत्री ने की घोषणा
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” के नाम से किया जाएगा. राज्य सरकार का यह निर्णय महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा. इससे भावी पीढ़ियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व, जीवन-संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी.
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Friday, November 6
