publicuwatch24.-रायपुर। बदलते दौर में खेती अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि बेहतर आय का भरोसेमंद जरिया भी बन रही है। इसका उदाहरण महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम जुनवानी खुर्द के प्रगतिशील किसान ओमनारायण ध्रुव हैं, जिन्होंने उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
करीब 2.32 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि के मालिक ओमनारायण ध्रुव वर्षभर विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती करते हैं। इससे उन्हें नियमित आय मिलती है और पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। वर्ष 2025-26 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेते हुए एक हेक्टेयर में करेला की खेती की। इसके लिए उन्हें 24 हजार रुपये का अनुदान मिला, वहीं आधा हेक्टेयर क्षेत्र में सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने के लिए 5 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की गई।
ओमनारायण ने खेती में ड्रिप सिंचाई और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर उत्पादन लागत पर नियंत्रण के साथ जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी। आधुनिक तकनीकों का परिणाम यह रहा कि उन्हें प्रति एकड़ लगभग 12 टन करेला उत्पादन प्राप्त हुआ। औसतन 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से फसल बेचने के बाद सभी लागतों को घटाकर उन्हें करीब 96 हजार रुपये प्रति एकड़ का शुद्ध लाभ मिला।
ओमनारायण ध्रुव अपनी इस सफलता का श्रेय राष्ट्रीय बागवानी मिशन, उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक खेती की तकनीकों को देते हैं। उनकी उपलब्धि से प्रेरित होकर आसपास के कई किसान भी अब सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इससे क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ रहा है और किसानों की आय के नए रास्ते खुल रहे हैं।
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Friday, November 6
