युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वितरित की गई वॉलीबॉल किट
publicuwatch24.-रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों का अवलोकन किया तथा समाज में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
हेलमेट पहनकर दिया सुरक्षा का संदेश
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में छह हितग्राहियों को हेलमेट वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया और लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट केवल एक सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कवच है। यातायात नियमों का पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कोंडागांव पुलिस द्वारा तैयार की गई ‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। यह पुस्तिका सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता, पुनर्वास गतिविधियों तथा पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत बनाने में ऐसे नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा
सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वॉलीबॉल खेल किट का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। सामुदायिक पुलिसिंग की ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
सुशासन तिहार के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
