
डौंडी । तीन साल से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे किसान को उसके जमीन के सीमांकन के दस्तावेज मिल गया हैं। बता दें कि बालोद जिले के डौंडी का किसान पिछले तीन सालों से जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था जहां कार्यालय के अधिकारी कागजात खो जाने का हवाला देकर उसे हर बार गुमराह कर घर का रास्ता दिखा देते थे. संतुराम निर्मलकर की खबर को जब प्रमुखता से दिखाया गया तब जाकर विभाग की नींद टूटी है. अधिकारियों ने दस्तावेज ढूंढकर किसान को सौंप दिए हैं।
दरअसल मामला डौंडी ब्लॉक के ग्राम पंचायत मथेना के ग्राम किशनपुरी का है जहा किसान संतु राम निर्मलकर पिता भागीरथी ने अपने भूमि के सीमांकन के लिए सन् 2016 मे तहसील कार्यालय डौंडी मे आवेदन दिया और सीमांकन करवाना चाहा परन्तु विभाग के कुम्भकर्णीय नींद में सोये अधिकारियों के लापरवाही के चलते सीमांकन तीन साल तक नही हो पाया।