
दंतेवाड़ा । दंतेवाड़ा के किंरदुल में आदिवासियों के आंदोलन का समर्थन करने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी आज करीब 12 बजे किरंदुल धरना स्थल पहुंचे और भाषण में उन्होनें आबकारी मंत्री कवासी लखमा को अपने छोटा भाई बताते हुए कहा कि, कवासी मेरा छोटा भाई है। चाहे तो सरकार से बात कर केंद्र सरकार के जरिए 1 घंटे में ही खत्म कर सकते हैं आंदोलन। इस खदान को बचाना हमारा कर्तव्य है। और यह आंदोलन प्रकृति को बचाने के यह आंदोलन हो रहा है।
बताया जाता है की पितोड़ रानी बस्तर राजा प्रवीर चंद भंजदेव की भी इष्ट देवी थीं जिनकी सेवा करने बस्तर राजा गर्मी के दिनों में आकाश नगर की पहाडिय़ों तक पंहुचते थे। बताया जाता है कि आकाश नगर 11 बी और निक्षेप 14 की पहाडिय़ों के मध्य नंदराज विराजमान हैं जो आदिवासियों के प्रमुख आराध्य देव हैं। इसी प्रकार बैलाडीला की पहाड़ी श्रृंखलाओं में प्राकृतिक गुरु नन्द राज की दो बेटियों का भी वास है इलो और पालो। कहा जाता है कि एनएमडीसी के स्थापना के वक्त हो रहे हादसों को रोकने के लिए इनका बंधन कर दिया गया ।