
बीजापुर । साल भर पहले नक्सलियों की जन अदालत में मारे गए ग्रामीण के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। दण्डाधिकारी आदेश पर इस दौरान एसडीएम और तहसीलदार स्वयं उपस्थित थे।
उसूर थाना के एसआइ विरेंद्र छत्री के मुताबिक 29 अप्रैल 2018 को माओवादियों के एलओएस कमांडर सोढ़ी लखमा व हथियारबंद नक्सलियों ने मारुड़बाका के कड़तीपारा निवासी शंकर पोड़ियम पिता लच्छा (29) का अपहरण कर
लिया था। इसके बाद 3 मई 2018 को नक्सलियों ने गुण्डेरगुड़ा पारा तालाब के पास जन अदालत लगाकर पुलिस मुखबिरी के आरोप में शंकर की हत्या कर दी थी।
नक्सलियों के डर के चलते परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को न देकर मृतक का कफन-दफन कर दिया था। अब साल भर बाद गांव के सरपंच व मृतक के जीजा तिरुपति भंडारी ने बीजापुर एसपी को आवेदन पत्र देकर इस मामले की नए सिरे से जांच कर शव निकालकर पोस्टमार्टम की मांग की थी।
दण्डाधिकारी आदेश पर शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस हत्या के लिए एलओएस कमांडर सोढ़ी लखमा व करीब 50 नक्सलियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है।