
कोरबा। ब्याज के लिए घर में घुसकर एसईसीएल कर्मी को धमकाने और गाली गलौज के आरोप में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ अजाक थाने में केस दर्ज किया है। आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि गिरधारी कंवर एसईसीएल में जनरल मजदूर के पद पर कार्यरत है। कंपनी की आवासीय कॉलोनी बलगी के आवास बी-45 में रहता है। उसने वर्ष 2010 में पुत्र की शादी के लिए दिनेश्वर मेहता नाम के व्यक्ति से दो लाख रुपए उधार लिया था। दिनेश्वर ने पैसे के बदले गिरधारी की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड को गिरवी रख लिया था।
गिरधारी का आरोप है कि दिनेश्वर ने पैसे के बदले 10 फीसदी ब्याज की दर से प्रत्येक माह 20 हजार रुपए की राशि वसूल किया। गिरधारी ने पुलिस को बताया है कि अभी तक उसने 20 से 21 लाख रुपए मूलधन व ब्याज के तौर पर दिनेश्वर को लौटाया है। इसके बाद भी दिनेश्वर पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड नहीं लौट रहा था। परेशान होकर गिरधारी ने मामले की शिकायत की। इसके बाद दिनेश्वर ने गिरधारी को चेकबुक और पासबुक लौटा दिया, लेकिन एटीएम कार्ड को नहीं लौटाया। गिरधारी ने बैंक से दूसरा एटीएम कार्ड जारी करवाया।
एक मुश्त मांग रहे थे पांच लाख रुपए : गिरधारी ने पुलिस को बताया कि 11 अप्रैल की सुबह दिनेश्वर का पुत्र अविनाश उसके घर पहुंचा। ब्याज के तौर पर 20 हजार रुपए की मांग की। गिरधारी ने आर्थिक स्थिति का हवाला देकर पैसे देने से मना किया, तब अविनाश ने घर में घुसकर गिरधारी को धमकाया। उससे गाली गलौज की। डर से गिरधारी ने 10 हजार रुपए अविनाश को दिया, लेकिन वह ब्याज की राशि 20 हजार रुपए से कम लेने को तैयार नहीं हुआ। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
अविनाश ने अपने पिता दिनेश्वर को गिरधारी के घर बुलाया। दोनों एक मुश्त पांच लाख रुपए की मांग कर रहे थे। इसके बाद ही सूद पर लिए गए पैसे की खाता बंद करने को तैयार थे।
गिरधारी ने घटना की सूचना बांकीमोंगरा थाने में दी। पुलिस ने दिनेश्वर और उसके पुत्र अविनाश के खिलाफ आदिवासी व्यक्ति के घर में घुसकर धमकाने और पैसे की मांग करने का केस दर्ज किया है।