जशपुर । यदि मन में कुछ सीखने की इच्छा हो तो उम्र बाधा नहीं बनती। इसी बात को जशपुर की रहने वाली चंद्रसेना गुप्ता चरितार्थ कर रही हैं। उनके बेटे अंशुमन गुप्ता सिंगापुर में अपने परिवार के साथ रहते हैं। अंशुमन की पत्नी मियाको निशीमुरा मूल रूप से जापानी हैं और उन्हें हिन्दी भाषा नहीं आती। वे अंग्रेजी में बात करती हैं, लेकिन सास चंद्रसेना को अंग्रेजी नहीं आती। इस वजह से सास और बहू के बीच चाहते हुए भी संवाद नहीं हो पाता। इस समस्या का चंद्रसेना ने समाधान तलाश और अब वे अंग्रेजी बोलना सीख रही हैं। चंद्रसेना के पति किशोरी गुप्ता ने भी उन्हें इस बात के लिए प्रोत्साहित किया। जशपुर के जिला ग्रंथालय में कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर के प्रयास से स्पोकेन इंग्लिस की कक्षाएं चल रही हैं।
इसी कक्षा में चंद्रसेना अन्य महिलाओं के साथ शामिल हो रही हैं। चंद्रसेना का कहना है कि बेटे के विवाह के बाद मेरे सामने बहू के साथ संवाद में भाषाई दिक्कत आ रही थी। हम दोनों चाहते हुए भी एक-दूसरे से बात नहीं कर पाते थे। मैं उसे जानना समझना चाहती थी ।