publicuwatch24.-रायपुर। राजधानी रायपुर के टाउन हॉल में शनिवार से राष्ट्रीय जनजातीय प्रदर्शनी एवं बिक्री मेला ‘आदि बाजार 2026’ शुरू होने जा रहा है। इस मेले में देश के 12 राज्यों से करीब 80 जनजातीय कारीगर हिस्सा लेंगे। यहां 40 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें पारंपरिक हस्तशिल्प, कपड़े, आभूषण, पेंटिंग और विभिन्न जनजातीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री होगी। 2 नवंबर तक चलेगा जनजातीय मेला केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड की ओर से आयोजित यह मेला 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा। शनिवार शाम 5 बजे प्रदेश के जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम इसका उद्घाटन करेंगे।
कार्यक्रम में रायपुर की महापौर मीनल चौबे और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी। मेले में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा सिल्क और ढोकरा शिल्प के साथ ओडिशा की संबलपुरी साड़ियां और सौरा पेंटिंग देखने को मिलेंगी। मध्यप्रदेश की माहेश्वरी साड़ियां, बाघ प्रिंट और गोंड पेंटिंग भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की कांथा कढ़ाई, राजस्थान के पारंपरिक वस्त्र और झारखंड के जूट उत्पाद उपलब्ध होंगे। Also Read – छत्तीसगढ़ में छात्र की चोटी बनाकर काटे बाल, प्राचार्य पर केस दर्ज सीधे कारीगरों से खरीद सकेंगे सामान आदि बाजार में पूर्वोत्तर राज्यों के बांस और बेंत से बने उत्पाद, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बांस शिल्प तथा अराकु कॉफी भी उपलब्ध रहेगी। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य जनजातीय कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराना और पारंपरिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना है। रायपुरवासी 2 नवंबर तक टाउन हॉल पहुंचकर विभिन्न राज्यों की जनजातीय कला को देखने के साथ कारीगरों से सीधे उत्पाद खरीद सकेंगे।
