publicuwatch24.-धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत साजापाली के आमानारा गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। गांव में रहने वाले पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवारों का आरोप है कि राशन देने के नाम पर उनका अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन इसके बाद उन्हें अगस्त महीने का राशन नहीं दिया गया। राशन नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है और कई परिवार बाजार की दुकानों से अनाज खरीदकर गुजारा करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण के लिए उनसे बायोमेट्रिक प्रक्रिया के तहत अंगूठा लगवाया गया था। अंगूठा लगने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित मात्रा में राशन मिलेगा, लेकिन राशन नहीं दिया गया। ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं कि जब वितरण के नाम पर उनका अंगूठा लग चुका है तो संबंधित महीने का राशन आखिर उन्हें किस तरह मिलेगा। ग्रामीण पारस राम ने बताया कि अगस्त महीने का राशन अब तक नहीं मिला है। उनका आरोप है कि राशन के लिए अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन जब ग्रामीण राशन लेने पहुंचते हैं तो संचालक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ग्रामीणों से दूसरी जगह जाकर राशन लेने की बात कही जाती है। समय पर सरकारी राशन नहीं मिलने के कारण परिवारों को बाजार से पैसे देकर अनाज खरीदना पड़ रहा है।
आमानारा गांव की स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवार निवास करते हैं। बताया जा रहा है कि गांव में करीब 52 पहाड़ी कोरवा परिवार हैं और कुल आबादी लगभग 300 है। चारों ओर पहाड़ों से घिरे इस गांव की लगभग पूरी आबादी पहाड़ी कोरवा समुदाय की बताई जा रही है। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से मिलने वाला राशन इन परिवारों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। मामले को लेकर पीडीएस संचालक विजय ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि पिछले राशन वितरक द्वारा एक महीने का राशन वितरित नहीं किए जाने के कारण पूरी व्यवस्था एक माह पीछे चल रही है। संचालक के मुताबिक अगस्त में प्राप्त राशन को जुलाई महीने का राशन मानकर हितग्राहियों को वितरित किया गया। अब सितंबर में मिलने वाले राशन को अगस्त महीने का मानकर ग्रामीणों को वितरित किया जाएगा।
हालांकि ग्रामीण इस व्यवस्था से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें हर महीने समय पर निर्धारित राशन मिलना चाहिए। एक महीने पीछे राशन चलने की व्यवस्था के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ऐसे परिवार जो सरकारी राशन पर अधिक निर्भर हैं, उनके लिए बाजार से अनाज खरीदना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा है। मामले की जानकारी सहायक खाद्य अधिकारी धरमजयगढ़ राबिया खान तक भी पहुंची है। राशन वितरण नहीं होने के संबंध में उन्होंने संबंधित राशन दुकान को सस्पेंड करने की बात कही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को राशन मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। सहायक खाद्य अधिकारी के अनुसार आमानारा के ग्रामीणों के राशन वितरण के लिए चिड़ोड़ीह की राशन दुकान को अटैच किया जाएगा। इस कदम के बाद ग्रामीणों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अब ग्रामीणों की नजर विभाग की कार्रवाई और अगस्त महीने के लंबित राशन के वितरण पर टिकी हुई है।
