publicuwatch24.-बिलासपुर: अनुकंपा नियुक्ति के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को निरस्त करते हुए दो शादीशुदा बेटियों को बैंक में अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बैंक को यह भी निर्देशित किया कि दोनों अपीलकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के अनुसार 90 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बेटी के विवाहित होने को नियुक्ति में अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता।
दरअसल छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 2 कर्मचारियों मदन कुमार पांडा और शैलेन्द्र कुमार जॉन्सन की नौकरी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी शादीशुदा बेटियों अंकिता मिश्रा और शीना डेविड ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन बैंक ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने 7 मई 2026 को उनकी याचिकाएं खारिज कर दी। इसके खिलाफ रिट अपील दायर की गई। डिवीजन बेंच ने कहा कि बैंक ने सिर्फ बेटियों के विवाहित होने को आधार बनाकर उन्हें नौकरी से बाहर किया, जबकि इसी योजना के तहत विवाहित बेटों को नियुक्ति का लाभ दिया गया। यह समानता के अधिकार के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी माना कि शादी होने मात्र से किसी बेटी की अपने माता-पिता पर आर्थिक या सामाजिक निर्भरता खत्म नहीं मानी जा सकती। निर्भरता का वास्तविक आकलन किया जाना जरूरी है। कोर्ट ने बैंक के रिजेक्शन आदेशों के साथ सिंगल बेंच का फैसला रद्द कर दिया।
Trending
- राखी का धागा रहा पुकार-इसमें शामिल विष्णु भैया का प्यार
- चेहरों में खुशी होठों में मुस्कान-बहनों की तरक्की विष्णु भैया का अरमान
- कलाकारों को मंच और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- राजेश अग्रवाल
- वनवासियों का हित और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप
- मंत्री रामविचार नेताम ने किया पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण
- ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी ई-बसें
- जमीन पर बैठकर देसी स्वाद का आनंद, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया सादगी और संस्कृति से जुड़ाव का संदेश
- जाति जनगणना पर पीएम मोदी को पत्र लिखे जाने पर सांसद संतोष पांडेय का सवाल, कहा- राहुल गांधी पहले बताएं कि वे किस जाति के हैं?
Wednesday, August 26
