दूरस्थ डोडीतुमनार में स्वास्थ्य सेवाओं की नई मिसाल: नेफ्रोटिक सिंड्रोम से पीड़ित मासूम को मिला नया जीवन, WHO टीम ने सराहा मॉडल
publicuwatch24.-रायपुर। बीजापुर जिले के अति-संवेदनशील डोडीतुमनार (तुमनार) क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदूरवर्ती ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जाते हैं। बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे पूर्व के नक्सल-प्रभावित बस्तर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए दिल्ली और राज्य स्तरीय अधिकारी समय-समय पर दौरा करते है। इन क्षेत्रों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान की जाती है ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और कुपोषण जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान (एमएसबीए) के तहत बीजापुर जिले के विकासखंड बीजापुर स्थित दूरस्थ ग्राम डोडीतुमनार में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण राज्य स्तरीय दल और दिल्ली से आई विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम ने किया। टीम ने शिविर में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का अवलोकन करते हुए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।
समय पर पहचान और इलाज से बालक को मिला नया जीवन
निरीक्षण के दौरान डब्ल्यूएचओ टीम ने ग्राम डोडीतुमनार के निवासी सोमलू मड़ियाम और उनके परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत हुई स्क्रीनिंग में उनके बच्चे में नेफ्रोटिक सिंड्रोम की समय रहते पहचान हुई थी। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख, नियमित उपचार और फॉलो-अप से बच्चे के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आया। टीम ने इसे समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
116 ग्रामीणों को मिला स्वास्थ्य लाभ
स्वास्थ्य शिविर में 116 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। शिविर में मलेरिया जांच, बुखार, सर्दी-खांसी, दर्द, खुजली, उल्टी-दस्त जैसी सामान्य बीमारियों का उपचार किया गया। इसके साथ ही बच्चों का नियमित टीकाकरण, आवश्यक दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य परामर्श और अन्य चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहल
डब्ल्यूएचओ टीम ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में समय पर बीमारी की पहचान, उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह अभियान ग्रामीणों को उनके गांव के पास ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहा है।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला टीकाकरण अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, मितानिन तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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Friday, November 6
