publicuwatch24.-रायपुर। आधुनिक कृषि तकनीकों ने अब ग्रामीण खेती की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। इसका उदाहरण कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम पिटेचुवा के किसान दुखा राम मरकाम हैं, जिन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से अपनी खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना लिया है।
करीब 15 एकड़ भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे दुखा राम पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे फसल की वृद्धि अधिक बेहतर होती है और उत्पादन में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
वे बताते हैं कि धान की रोपाई के लगभग 30 दिन बाद पहला छिड़काव किया जाता है और आवश्यकता अनुसार 50 से 60 दिन के बीच दूसरा छिड़काव किया जाता है। इस प्रक्रिया से पौधे अधिक स्वस्थ, मजबूत और अधिक बालियां देने वाले बनते हैं।
दुखा राम के अनुसार पहले वे प्रति एकड़ लगभग 50 किलोग्राम दानेदार डीएपी का उपयोग करते थे, जिस पर लगभग 1850 रुपये का खर्च आता था और उत्पादन 10 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ तक सीमित रहता था। लेकिन नैनो डीएपी अपनाने के बाद न केवल पारंपरिक उर्वरक की खपत में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है, बल्कि लागत भी घटकर करीब 1200 रुपये प्रति एकड़ रह गई है।
वहीं उत्पादन बढ़कर 15 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच गया है, जिससे उन्हें लगभग 30 प्रतिशत तक अधिक उपज और बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है। नैनो उर्वरकों के बेहतर परिणामों से प्रेरित होकर अब क्षेत्र के अन्य किसान भी इनके उपयोग की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
Trending
- प्रवासी छत्तीसगढि़यों की सहभागिता विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को करेगी मजबूत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- कवर्धा के किसान को मुख्यमंत्री ने भेजा दीपावली का संदेश, सौर ऊर्जा की पहल को सराहा, मुख्यमंत्री ने किसान ओंकार साहू को भेजी ‘विष्णु के पाती’
- छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के संरक्षण में प्रांजल सिंह का योगदान सराहनीय—मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- लगातार तीसरे साल बस्तर ओलंपिक को लेकर उत्साह, 6 लाख से ज्यादा खिलाड़ी मैदान में उतरने को तैयार
- राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली की आत्मीय शुभकामनाएं, पांच दिवसीय महापर्व जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना
- सशक्त नारी की मिसाल रुकमनिया, सब्जियों की खेती से बनीं लखपति दीदी
- मुख्यमंत्री की पाती पाकर चंपा देवी हुईं खुश, एक गाय से शुरू किया पशुपालन अब बना अतिरिक्त आमदनी का जरिया
- महतारी वंदन की राशि से बच्चों की शिक्षा संवार रहीं सुनीता, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पाती लिखकर प्रयासों को सराहा
Saturday, November 7
