publicuwatch24.-नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गिग-वर्कर्स और दैनिक यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से ‘भारत टैक्सी’ ऐप को तेजी से बढ़ावा देना शुरू किया है। यह ऐप सहकारी-आधारित (Cooperative-based) राइड-हेलिंग विकल्प के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य ओला, उबर और रैपिडो जैसे निजी एग्रीगेटर्स के दबदबे को चुनौती देना है। ऐप के माध्यम से न केवल यात्रियों को मनमाने बढ़ते किराए (Surge Pricing) से राहत मिलेगी, बल्कि ड्राइवरों को भी अधिक पारदर्शी और लाभकारी आय
लोकसभा सत्र के दौरान रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस पहल पर चर्चा की। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी के ड्राइवर या ‘सारथी’ केवल गिग-वर्कर्स नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े सहकारी आंदोलनों में से एक के हितधारक (Stakeholders) होंगे। 1 मार्च 2026 तक, भारत टैक्सी के पास 21.34 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ता और 2.31 लाख पंजीकृत सारथी हैं। वर्तमान में यह सेवा आठ शहरों में चालू है और अगले तीन वर्षों में इसे टियर 2 और टियर 3 शहरों में विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार भारत में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इसे कॉर्पोरेट क्षेत्र के समान विकास के अवसर मिल सकें और यह दुनिया के सामने एक सफल सहकारी मॉडल साबित हो। उन्होंने कहा कि ऐप का उद्देश्य यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए पारदर्शी और सटीक समाधान देना है। बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि यात्रियों को अचानक बढ़ती कीमतों और ड्राइवरों को भारी कॉर्पोरेट कमीशन से परेशानी होती रही है। भारत टैक्सी का सहकारी मॉडल इन समस्याओं का समाधान करेगा। उन्होंने अमित शाह से औपचारिक अनुरोध कर छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत में तेजी लाने की बात कही।
ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी कंपनियों का एकाधिकार वर्षों से यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए समस्या रहा है। ये कंपनियाँ 25% से 30% तक कमीशन वसूलती हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई प्रभावित होती है। वहीं, यात्रियों को अचानक बढ़ती ‘सरज प्राइसिंग’ का सामना करना पड़ता है। हवाई अड्डों पर निजी कैब की उच्च दरें यात्रियों के लिए अतिरिक्त बोझ बन चुकी हैं। भारत टैक्सी ऐप इन कमियों को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को अधिक लाभकारी बनाने और यात्रियों को कीमतों के शोषण से बचाने के साथ शहरी आवागमन (Urban Mobility) में सुधार करेगा। ऐप का सहकारी मॉडल डिजिटल सहकारिता परिदृश्य को नया रूप देगा।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऐप को सहकारी आंदोलन के दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। ड्राइवर न केवल काम करेंगे, बल्कि सहकारी हिस्सेदारी के माध्यम से इसका लाभ भी साझा करेंगे। इससे गिग-वर्कर्स की स्थिति मजबूत होगी और उन्हें कॉर्पोरेट दबाव से राहत मिलेगी। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ऐप की शुरुआत से यात्रियों को भी सस्ती और पारदर्शी यात्रा सुविधा मिलेगी। अब वे बिना मनमाने प्राइसिंग के नियमित किराए पर सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। इससे न केवल दैनिक आवागमन आसान होगा, बल्कि निजी कंपनियों के दबदबे को भी चुनौती मिलेगी। भारत टैक्सी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में टियर 2 और टियर 3 शहरों तक अपनी सेवाओं का विस्तार करना है। इस कदम से ग्रामीण और छोटे शहरों के यात्री भी सहकारी आधारित राइड-हेलिंग का लाभ उठा पाएंगे। यह ऐप डिजिटल इंडिया के सहकारी दृष्टिकोण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे गिग-वर्कर्स की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। केंद्र सरकार की इस पहल से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यात्रियों और ड्राइवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे। भारत टैक्सी ऐप के सहकारी मॉडल से यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संतुलन बना रहेगा और राइड-हेलिंग उद्योग में अधिक प्रतिस्पर्धा आएगी। इस तरह, भारत टैक्सी ऐप न केवल ओला, उबर और रैपिडो के दबदबे को चुनौती देगा, बल्कि यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए एक स्थायी और पारदर्शी समाधान प्रदान करेगा।
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Thursday, September 24
