publicuwatch24.-अंबिकापुर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में पोस्टमॉर्टम के दौरान चिकित्सकों के सामने एक दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला आया है। 62 वर्षीय महिला महेश्वरी की मृत्यु के बाद जब शव परीक्षण किया गया, तो उसके पेट से पेट कुछ ऐसा निकला जिसे देख डॉक्टर भी हैरान रह गए। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतू बाग ने बताया कि मृतका पिछले करीब 20 वर्षों से पेट में लगातार सूजन के साथ जीवन व्यतीत कर रही थी। इसके बावजूद उसने कभी चिकित्सकीय जांच या उपचार नहीं कराया।
जानकारी के अनुसार 25 जनवरी को महिला को अचानक चक्कर आया, जिससे वह गिर पड़ी। इसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात जब पोस्टमॉर्टम किया गया, तब यह गंभीर चिकित्सकीय स्थिति सामने आई। 62 वर्षीय महिला महेश्वरी की मृत्यु के बाद जब पोस्टमॉर्टम किया गया, तो उसके पेट से लगभग 20 वर्ष पुरानी गर्भाशय रसौली (फाइब्राइड) निकाली गई। पोस्टमॉर्टम में सामने आई रसौली का वजन करीब 11 किलोग्राम तथा परिधि लगभग 32 इंच पाई गई। इतनी बड़ी और लंबे समय से शरीर में मौजूद रसौली को देखकर वरिष्ठ चिकित्सक भी हैरान रह गए।
Trending
- नशा मुक्त भारत अभियान को मिला जनसहभागिता का संबल
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से ‘सेवा सेतु’ बना ग्रामीणों का भरोसेमंद साथी
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत का त्वरित समाधान
- सफलता की कहानी-सेवा सेतु बना ग्रामीणों का भरोसेमंद डिजिटल सहारा
- सफलता की कहानी- पशुधन विकास विभाग की योजना से बदली सदाशिव कुरगुड़ की जिंदगी
- बस्तर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप
- मनरेगा और जल निधि का महासंगम: छत्तीसगढ़ के धमतरी में ‘आजीविका डबरी’ से बदल रही ग्रामीण इकॉनमी की तस्वीर
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी त्वरित जनसमस्या समाधान का सशक्त माध्यम: मात्र दो घंटे में पुनः सक्रिय हुआ संजुक्ता पटेल का आधार कार्ड
Friday, June 26
