गरियाबंद । विद्युत विभाग के कर्मचारी फाल्ट ढूंढकर उसे सुधारने जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. फिर भी समस्या थम नहीं रही तो इसमें गलती उनकी नहीं है. और न ही सरकार की है. क्योंकि भाजपा के 15 साल के शासनकाल में बिजली सामग्री खरीदी में भारी भ्रष्टाचार हुई है. सप्लाई लाइन में लगने वाले सामग्री, ट्रांसफार्मर से लेकर जरूरी उपकरण खरीदी में भारी कमीशनखोरी की गई ।
यह बात वरिष्ठ विधायक धनेंद्र साहू ने देवभोग में लोकसभा चुनाव में मिली हार को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक में कही. उन्होंने कहा कि निम्न किस्म के सामाग्रियों के लिए भारी रकम चुकाकर वहां बैठे लोगों ने अपनी जेबे गरम कर लिया है. ये भी कहा कि क्षमता से ज्यादा बिजली कनेक्शन काटकर उसे सुधारने या बदलने का काम भी नहीं किया गया।
यही वजह है कि आज पूरे प्रदेश में बिजली कटौती की समस्या आ रही है. धनेंद्र साहू ने भाजपा द्वारा बिजली कटौती को लेकर किए जाने वाले प्रदेशव्यापी आंदोलन को भी हास्यास्पद बताया ।
भाजपा ने किया दुष्प्रचार
बैठक में धनेंद्र साहू ने कहा कि लोकसभा हार की समीक्षा की जरूरत नहीं है, क्योंकि कांग्रेस अपना प्रचार कर रही थी. उसके विपरीत भाजपा अपने प्रचार के बजाए कांग्रेस के आदर्श नेताओं के खिलाफ दुष्प्रचार में पूरी ताकत झोंक दिए थे. सोशल मीडिया से लेकर हर माध्यम में केवल झूठ, फरेब व आपसी मतभेद फैलाने का काम किया।
ईवीएम मशीन पर भी संदेह
धनेंद्र साहू ने बताया कि अभनपुर के उपरवारा में वे विधानसभा चुनाव में 1600 मतों से आगे थे, जबकि लोकसभा में यहां के बूथ में भाजपा 70 मतों से आगे हो गई, इसलिए ईवीएम मशीन पर भी संदेह है. धनेंद्र ने कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही हर दो से तीन महीनें में इलाके के दौरे पर आते रहेंगे. क्षेत्र की समस्या सुलझाने का काम करेंगे।
बता दें कि धनेंद्र साहू महासमुंद लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी थे, जो भाजपा के चुन्नीलाल साहू से 68 हजार मतों से पराजित हो गए थे. बैठक में विधायक प्रत्याशी सजंय नेताम, पूर्व प्रत्याशी जनक ध्रुव के अलावा जिला ब्लॉक के दर्जनों पदाधिकारी भी मौजूद थे।