
कांकेर । शास्त्रों में पति को देवता का दर्जा दिया गया है,लेकिन कांकेर जिले के एक गांव में हैवान पति की कहानी सामने आई है. कांकेर जिले के चारामा थाना के ग्राम कसावाही में एक महिला को उसके पति ने साल भर से घर में बेड़ियों से बांधकर रखा था और उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था. पत्नी का कुसूर बस इतना था कि महिला ने पति के अवैध संबंध का विरोध किया था.उसने सोचा न था कि पतिदेव के अवैध संबंध का विरोध करना उसे इतना महंगा पड जायेगा. इस बात से पति को इतना गुस्सा आया कि उसने पत्नी की पैरों में बेडियां बांध दी और उसे करीब एक साल तक बेडियों में जकड़ कर रखा.इतना ही नहीं जब भी पति को गुस्सा आता था,तो वह समय समय पर पत्नी से मारपीट भी करता था ।
पड़ोसियों को इस बात की जानकारी होने पर गांव में यह चर्चा का विषय बन गया. बात फैली,तो महिलाओं के हित में काम करने वाले संगठनों को इसकी जानकारी हुई । हफ्ते भर पहले इसकी जानकारी महिला मानव रक्षक अभियान को लगते ही पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई और परिवार परामर्श केंद्र का सहयोग लेते हुए महिला के घर पहुंचकर महिला को उसके पति के अमानवीय अत्याचार से मुक्त करवाया गया. समाजसेवी संस्था ने पुलिस की मदद से महिला को मुक्त कराया और मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई।
बंधक महिला को छुड़ाये जाने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. महिला ने बताया कि बंधक बनाए रखने के दौरान उसके पति द्वारा उसके साथ मारपीट की जाती थी. उसे लोहे की छड़ से मारा जाता था. महिला के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान हैं। 1 साल से लगातार प्रताड़ना के कारण महिला की मानसिक स्थिति भी खराब हो गई है.कांकेर के शासकीय कोमल देव जिला चिकित्सालय में महिला का मानसिक परीक्षण कराया गया है और उसे उसके मायके पक्ष में स्थाई रूप से रखा गया है । उसके उपचार के लिए बिलासपुर सेंदरी मानसिक चिकित्सालय भेजने का आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया गया है।