publicuwatch24.-रायपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किसानों को दिखाया गया। गुजरात के बनासकांठा से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के किसानों के खातों में सम्मान निधि की राशि अंतरित की गई।
प्रधानमंत्री के संबोधन एवं सीधे प्रसारण कार्यक्रम से पूर्व संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के उद्देश्यों एवं किसानों के लिए इसके महत्व की जानकारी देते हुए भारत सरकार द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
बनासकांठा से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को विकसित भारत का एक मजबूत स्तंभ बताते हुए कृषि एवं किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि करोड़ों किसान परिवारों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक है।
इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने आगामी रबी मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती की बेहतर योजना बनाने तथा फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों को पारंपरिक फसल पद्धति के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों को शामिल करने, फसल प्रणाली में विविधता लाने तथा उपलब्ध कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की सलाह दी।
परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के आठ गांवों से लगभग 270 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 41 महिला एवं 229 पुरुष किसान शामिल थे। कार्यक्रम में ग्राम बिटिया, कुर्रा, पचरी, बरोदे, बुड़ेरा, बेलटुकरी, मधई, मुर्रा एवं भैंसा के किसानों ने सहभागिता की। इस अवसर पर ग्राम बेलटुकरी के सरपंच श्री संतोष कुर्रे, ग्राम कुर्रा के भुवनेश्वर खूंटे तथा ग्राम बिटिया के दुष्यंत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में किसानों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इस आयोजन ने किसानों तक केंद्र सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें वैज्ञानिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन डॉ. के. सी. शर्मा एवं डॉ. प्रियंका मीना द्वारा किया गया।
Trending
- ग्रामीण बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह होगी आसान,सपनों को मिलेगी नई उड़ान – मंत्री टंक राम वर्मा
- अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : मुख्यमंत्री साय
- शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से 34 लाख की ठगी, इंदौर से 3 युवती समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
- महासमुंद जिले के 1.26 लाख से अधिक किसानों के खातों में 25.45 करोड़ रुपये अंतरित
- कोरिया : ’सेवा सेतु ने बढ़ाया विश्वास, डिजिटल प्रणाली से आसान हुए काम’
- राज्य स्तरीय रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता 2026 में बस्तर संभाग का परचम, तनीष कश्यप एवं भूमिका मौर्य ने हासिल किया प्रथम स्थान, सरगुजा संभाग द्वितीय स्थान पर राज्य स्तरीय रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता में बस्तर का दबदबा, तनीष कश्यप और भूमिका मौर्य ने हासिल किया प्रथम स्थान panchayattantra24.-जगदलपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता 2026 में बस्तर संभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंदबहार दरभा के प्रतिभागी तनीष कश्यप एवं भूमिका मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं सरगुजा संभाग ने द्वितीय स्थान हासिल किया। बस्तर संभाग के लिए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है। दोनों प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, ज्ञान, मेहनत और बेहतर तैयारी के दम पर राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे संभाग को गौरवान्वित किया है। बस्तर की प्रतिभा ने प्रदेश स्तर पर लहराया परचम, प्रथम स्थान की उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि तनीष कश्यप एवं भूमिका मौर्य की सफलता उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता युवाओं में एचआईवी एड्स, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने दोनों प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विद्यालय के शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों के योगदान की सराहना की।
- एनआईबीएसएम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का सीधा प्रसारण
- खेत बचाओ अभियान से किसानों को मिलेगा बढ़ावा, 270 एकड़ में होगी उन्नत सरसों की खेती
Friday, October 30
