50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और एक लाख रुपये के मुद्रा ऋण से शुरू किया स्वरोजगार, परिवार को मिली आर्थिक मजबूती
publicuwatch24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन योजनाओं से महिलाएं न केवल अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं, बल्कि परिवार की खुशहाली और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम छेड़डाड़ की श्रीमती सविता रजक ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने बिहान योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के सहयोग से बकरी पालन को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाया है।
आर्थिक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भर बनने का देखा सपना
सामान्य ग्रामीण परिवार से आने वाली श्रीमती सविता रजक के मन में हमेशा से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की इच्छा थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय स्वयं कुछ करने का संकल्प लिया। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला ग्राम संगठन से जुड़ीं और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।
महिला ग्राम संगठन से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग प्राप्त करने का अवसर मिला। संगठन के माध्यम से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस प्रकार कुल डेढ़ लाख रुपये की वित्तीय सहायता से उन्होंने बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया। अपनी मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन से उन्होंने इस व्यवसाय को आय का जरिया बना लिया।
बकरी पालन से हर महीने 10 हजार रुपये की आमदनी, परिवार के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
श्रीमती सविता रजक आज बकरी पालन से प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने की चिंता करने वाली सविता अब अपनी मेहनत की कमाई से बच्चों की पढ़ाई और घर की दैनिक आवश्यकताओं में योगदान दे रही हैं। स्वरोजगार से मिली आर्थिक मजबूती ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर भविष्य में आय के और बेहतर अवसर तैयार करने के लिए भी प्रयासरत हैं।
श्रीमती सविता बताती हैं कि बिहान योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। इन योजनाओं से मिली सहायता ने उनके आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने का अवसर मिल रहा है।
उज्ज्वला, प्रधानमंत्री आवास और महतारी वंदन योजना से भी संवर रहा परिवार का जीवन
श्रीमती सविता रजक के परिवार को स्वरोजगार के साथ शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर मिलने से रसोई का काम सुविधाजनक हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का आवास मिलने से परिवार को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा प्राप्त हुई है। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी मिल रही है।
इन योजनाओं का सम्मिलित लाभ परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। एक ओर बकरी पालन से नियमित आमदनी का साधन मिला है, वहीं दूसरी ओर आवास, रसोई गैस और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाओं ने परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद की है।
ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं सविता
श्रीमती सविता रजक की सफलता यह साबित करती है कि सही अवसर, आर्थिक सहयोग और दृढ़ संकल्प से ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। बिहान योजना से महिला समूहों को मिल रही मजबूती और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से स्वरोजगार के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।
आज सविता केवल अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार ही नहीं बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। उनकी सफलता का संदेश है कि आत्मनिर्भरता की शुरुआत छोटे प्रयासों से भी हो सकती है। शासन की योजनाओं और स्वयं की मेहनत के समन्वय से महिलाएं अपने सपनों को साकार करते हुए परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
