कहा-संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है हमारी सरकार
राहत शिविरों में भोजन, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, प्रभावित परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों पर भी की चर्चा
publicuwatch24.-रायपुर। महानदी के बढ़े जलस्तर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील क्षेत्र में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने राहत शिविर में ग्रामीणों से मुलाकात करने के साथ ही स्वयं नाव में सवार होकर जलमग्न गांवों तक पहुंचकर हालात का जमीनी जायजा लिया। श्री चौधरी ने प्रभावित परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं तथा अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से संचालित करने के निर्देश दिए।
राहत शिविर में माताओं-बहनों, बुजुर्गों और बच्चों से आत्मीय मुलाकात
वित्त मंत्री चौधरी ने सबसे पहले सरिया स्थित कन्या शाला में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बाढ़ के कारण अपने घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे ग्रामीणों के बीच जाकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं से बातचीत कर उनकी परेशानियों को सुना और रहने, भोजन, स्वास्थ्य सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने श्री चौधरी के समक्ष बाढ़ से हुई परेशानियों के साथ आवास संबंधी जरूरतें भी रखीं। वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत शिविर में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत का ध्यान रखा जाए। भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था रहे। उन्होंने प्रभावित परिवारों के रहने की समुचित व्यवस्था और आवास से संबंधित आवश्यकताओं पर भी अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राहत शिविर के निरीक्षण के बाद श्री चौधरी ग्राम बोरिदा पहुंचे और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद वे राहत एवं बचाव दल के साथ नाव में सवार होकर जलमग्न ग्राम ठेंगागुड़ी पहुंचे। चारों ओर फैले बाढ़ के पानी के बीच गांव पहुंचकर उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी सुरक्षा, भोजन तथा अन्य राहत व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
चौधरी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे स्वयं को अकेला न समझें। राज्य सरकार और पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित रखना और जरूरत की हर संभव सहायता पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
इसके बाद वित्त मंत्री ग्राम तोरा पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों का ध्यान रखा जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
मीडिया से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में हुई भारी बारिश के कारण महानदी और उससे जुड़े क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ा। बांधों और जलाशयों में बढ़े जलभराव के बीच स्थिति के प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा के स्तर पर समन्वय के साथ आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
हीराकुंड जलाशय में बढ़ते जलप्रवाह के प्रबंधन के लिए पहले 20 गेट खोले गए थे, जिसके बाद 8 अतिरिक्त गेट खोलकर कुल 28 गेटों से जल निकासी की गई। इनमें 19 गेट बाईं ओर और 9 गेट दाईं ओर हैं। जलप्रवाह एवं महानदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक अमला मैदानी स्तर पर सक्रिय है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित रखने के साथ भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी
महानदी के बढ़े जलस्तर के कारण सरिया तहसील के अनेक तटवर्ती गांवों में जलभराव की स्थिति बनी है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों, शासकीय चौपालों एवं अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गांवों में मुनादी कर लोगों से बाढ़ के पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देशानुसार कलेक्टर द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और ग्राम कोटवार सहित मैदानी अमला प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय है। एसडीआरएफ और नगर सेना की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
बाढ़ के कारण पोरथ, रानीडीह, तोरा, रेबो, ठेंगागुड़ी, बोरिदा, छहीपाली, परसरामपुर, नदीगांव, लिप्ती, विजेपुर, नवापारा छोटे, पिहरा, बुदबुदा, सूरसी, सुरजगढ़, छैलफोरा और नवघटा सहित विभिन्न गांवों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
