publicuwatch24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से महिला किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन एवं अधिक आय अर्जित कर रही हैं। इसका प्रेरक उदाहरण मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम घुटरा की महिला किसान विमला दीदी हैं, जिन्होंने मचान विधि (ट्रेलिस मेथड) से बरबटी की खेती कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
आईएफसी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में विमला दीदी सहित क्षेत्र की महिला किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मचान विधि से बरबटी उत्पादन की उन्नत पद्धति सिखाई गई। इस तकनीक को अपनाने के बाद उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
मचान विधि से बरबटी की बेलों को पर्याप्त सहारा मिलने के कारण पौधों का समुचित विकास हुआ। बेहतर धूप और वायु संचार से रोग एवं कीटों का प्रकोप कम हुआ, जिससे उच्च गुणवत्ता की लंबी और आकर्षक फलियां तैयार हुईं। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के कारण बाजार में बेहतर मूल्य मिला और उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस तकनीक का एक बड़ा लाभ यह भी रहा कि फसल की तुड़ाई पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई। इससे श्रम और समय की बचत हुई तथा खेती की लागत भी नियंत्रित रही। वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ साबित हुई।
विमला दीदी बताती हैं कि आईएफसी के प्रशिक्षण ने उनकी खेती करने की सोच बदल दी। पहले वे पारंपरिक खेती पर निर्भर थीं, लेकिन अब आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से कम संसाधनों में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि किसान समय-समय पर नई तकनीकों को सीखकर अपनाएं, तो खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। आज विमला दीदी की सफलता आसपास के गांवों की महिला किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से महिलाएं भी कृषि क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं। इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) की पहल महिला किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। राज्य में आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
Trending
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 की कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक संपन्न
- जनगणना-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, दूसरे चरण के लिए 60 मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षित
- गन्ना किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा खरीदी मूल्य, बोनस से भी बढ़ेगी आय
- दीपावली पर बस्तर के परचनपाल की हस्तकला का जलवा, शोभा बघेल के सीसल शिल्प से रोशन हो रहे सैकड़ों घर, बढ़ी स्थानीय उत्पादों की मांग
- भाजपा किसान मोर्चा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस: संगठन विस्तार के लिए बनाया नया प्लान, प्रदेश के 27 हजार बूथों पर होगा किसान मितान का गठन
- राहुल गांधी के महाराष्ट्र मिल्क फेडरेशन चुनाव में मिलावट के आरोप पर सीएम साय का पलटवार, कहा- अपनी कथनी और करनी के कारण खो चुके हैं जनता का विश्वास…
- महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास
- ’सरकारी सेवाओं तक पहुंच हुई आसान, समय और मेहनत की बचत से नागरिकों को मिल रही सहूलियत’
Friday, November 6
