publicuwatch24.–मुंगेलीl आधी रात करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। मृतक के परिजनों, स्थानीय नागरिकों एवं भाजपा नेता वेदप्रकाश के नेतृत्व में लोगों ने जरहागांव बस स्टैंड पर नेशनल हाईवे को करीब आधे घंटे तक जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों की नियुक्ति तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, नगर निवासी गोविन्द साहू उर्फ गोलू को बिजली का करंट लग गया था। घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में ड्यूटी पर एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने प्राथमिक उपचार के बजाय मरीज को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आनन-फानन में परिजन गंभीर हालत में गोविन्द साहू को जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। उनका आरोप है कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरहागांव में समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और तत्काल उपचार मिलता तो संभवतः युवक की जान बचाई जा सकती थी।
घटना से आक्रोशित मृतक के परिजन, स्थानीय नागरिक तथा भाजपा नेता वेदप्रकाश नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि देर रात जरहा गांव बस स्टैंड पहुंचे और नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और यातायात करीब आधे घंटे तक प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में घटना के लिए जिम्मेदार डॉक्टर अथवा संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से डॉक्टरों की नियुक्ति सुनिश्चित करना तथा मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा प्रदान करना शामिल रहा।
सूचना मिलने पर संबंधित पुलिस अधिकारी तथा बल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन अथवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और उपचार में लापरवाही के संबंध में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस संबंध में बीएमओ डॉ. कमलेश खैरवार को विभाग का पक्ष जानने कॉल किया गया मगर उन्होंने कॉल रिसीव नही कियाl
Trending
- डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत पेंशनधारियों को घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘विष्णु के पाती’ ने बसंती राजवाड़े के संघर्ष को दिया संबल, भावुक हुईं स्व-सहायता समूह की महिला
- दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विशेष सघन खाद्य सुरक्षा अभियान संचालित
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से नरेन्द्र कुमार को मिला संबल
- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पंचायती राज संगठन का विस्तार, 28 जिलों में अध्यक्ष नियुक्त
- महतारी वंदन योजना से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान, दीपावली पर मिट्टी के दीयों और गुल्लकों से संवार रहीं स्वदेशी परंपरा
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा
- बेटे ने पिता की लंबित पेंशन के लिए उठाई आवाज, मुख्यमंत्रीसाय ने ‘विष्णु की पाती’ से भेजा स्नेह संदेश
Sunday, November 8
