एयरपोर्ट में राहुल के स्वागत के लिए सभी विधायकों को बुलाया… पहुंचे केवल 5
publicuwatch24.-रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जिला अध्यक्षों को टिप्स देने राहुल गांधी रायपुर पहुंचे। इस दौरान उनका एयरपोर्ट पर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान भीड़ दिखाने के लिए नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी बावजूद उम्मीद के अनुरुप भीड़ एकत्र नहीं हुई। खबर है कि कई नेताओं ने लोगों को 100-100 रुपए देकर कुछ देर के लिए माना एयरपोर्ट पहुंचे। इस भीड़ की वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालाकि यह पूरी तरह से पार्टी का सांगठनिक कार्यक्रम बताया जा रहा है। ऐसे में तामझाम और भीड़ जुटाने की जरूरत समझ से परे है, बावजूद आदत के अनुसार कुछ कांग्रेसी नेता खुद को बड़ा और समर्पित कार्यकर्ता दिखाने के लिए शक्ति प्रर्दशन में लगे दिखे। लेकिन वायरल वीडियो ने कांग्रेस की साख पर बट्टा लगा ही दिया।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले भी कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा चंदा वसूली की खबरे भी आई थी। पार्टी के चंदा मामा पदाधिकारी द्वारा अपने स्तर पर पर्यावरण, उद्योग विभाग, कुछ तहसीलदारों, वन विभाग के डीएफओ से चंदा वसूली करने की खबर है। एक पदाधिकारी ने तो एक मुस्लिम सब इंस्पेक्टर से भी चंदा वसूल लिया। कांग्रेस नेताओं की सभ्यता-संस्कृति शुरू से बुनियादी तौर पर चंदा लेने और वसूली करने की रही है। परंपरागत तरीके से चंदा मामा नेता किसी भी आयोजन के लिए इस कार्य को अंजाम देने में माहिर माने जाते हैं। कांग्रेस पार्टी में पुराने और परम्परागत पीढ़ी दर पीढ़ी कांग्रेस नेता इसी तरीके से रकम जुटाते आ रहे हैं। जबकि यह कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की देखरेख में और उनके सुविधा के अनुसार निष्पादन किया जा रहा है। जबकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी में विगत कई सालों से राज्य के बड़े अधिकारियों के साथ मिली भगत कर कांग्रेसी विचारधारा वाले अधिकारियों से लगातार दबाव बनाकर पैसे की वसूली की शिकायतें आती रही है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस विचारधारा वाले कुछ भ्रष्ट अधिकारी जो भ्रष्टाचार के में लिप्त है खुलकर कांग्रेस पार्टी को चंदा दे रहे हैं। जनता से रिश्ता अखबार के दफ्तर में कांग्रेस समर्पित भ्रष्ट अधिकारियों की सूची उपलब्ध है जो वर्तमान में भी कांग्रेस पार्टी के नेताओं को प्रति माह चंदा देते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेसियों की पूछ-परख नहीं : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान बड़े और पुराने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को तवज्जो नहीं मिली। प्रवास के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ जन और पुराने तीन पीढ़ी के कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से मुलाक़ात का अवसर नहीं दिए जाने से नाराज है। जिसके चलते कांग्रेस नेताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है। पीसीसी अध्यक्ष पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि जिनके मां-बाप कभी कांग्रेस में नहीं रहे और सट्टे जुआ शराब, दो नम्बर के कारोबार में संलिप्त ऐसे नेताओं को कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई है। इसे पुराने कांग्रेसी नेता अपनी उपेक्षा मान रहे है, एक वरिष्ठ नेता जो वर्तमान में बीमारी की वजह से घर बैठ गए हैं, उनके द्वारा बड़ी शिकायत आलाकमान को भेजे जाने की चर्चा है।
संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती पर दिया मंत्र : राहुल गांधी आज जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ विशेष सत्र में शामिल हुए थे। उन्होंने संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती, भाजपा के खिलाफ राजनीतिक नैरेटिव और आगामी चुनावी रणनीति पर मार्गदर्शन दिया। शिविर में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट समेत कई वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता भी अलग-अलग सत्रों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। कांग्रेस इसे आगामी चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की बड़ी कवायद मान रही है।
एनएसयूआई नेताओं पर वसूली के गंभीर आरोप, खुला चंदामामा का चेहरा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने अभनपुर में कांग्रेस के 10 दिवसीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया वहीं छात्र राजनीति की साख को बट्टा लगाने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस के छात्र संगठन हृस्ढ्ढ (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के दो बड़े पदाधिकारियों पर पद का धौंस दिखाकर आर्थिक लेन-देन करने और दबाव बनाकर अवैध लाभ उठाने के संगीन आरोप लगे हैं। मामले से जुड़े कुछ कथित वीडियो साक्ष्य भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हडक़ंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, हृस्ढ्ढ के जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर खान और उत्तर विधानसभा उपाध्यक्ष आशीष बाजपेयी इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं। आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सामने वाले पक्ष पर अनुचित दबाव बनाया। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर वायरल हो रहे कथित साक्ष्यों के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि इस मामले में मोटी रकम का खेल चल रहा था। सामने आई रिकॉर्डिंग के मुताबिक, मामले को रफा-दफा करने के एवज में कथित रूप से 50,000 (पचास हजार रुपये) की मांग की गई थी। जनता से रिश्ता वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। हमारे अखबार में चंदा वसूलने की पहले ही खबर प्रकाशित की थी जो अब हमारी खबर सच निकली छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा वायरल होने वाले आज के वीडियो में स्पष्ट रूप से चंदा के लिए वसूली धमकाने का आतंक फैलाने का खुला खेल वायरल वीडियो में देखा जा सकता है 10 दिन कांग्रेस के चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में आयोजन के लिए पैसे की जरूरत को आम पदाधिकारी चंदा के रूप में व्यापारियों से जनता से वसूली की हद तक गिर रहे हैं इस वीडियो में जीता जागता उदाहरण देखने को मिलता है।
गुटबाजी ने बढ़ाई चिंता
राहुल ने कहा कि नेताओं के लिए कम और कार्यकर्ताओं के लिए ज्यादा सोचें। गुटबाजी से दूर रहें। ट्रेनिंग के दौरान राहुल ने जिला अध्यक्षों से कहा कि वे बिना डरें काम करें। जनता के बीच जाएं और उनके मुद्दों को बेबाकी से उठाएं। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता को साथ लेकर आंदोलन-प्रदर्शन करें। हर जिला अध्यक्ष की एक-एक गतिविधि की अब डिजिटली मॉनिटरिंग होगी। जिनका परफार्मेंस अच्छा होगा, उन्हें पार्टी बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि 2028 मिशन के तहत हर कार्यकर्ता को एकजुट करना है। इसमें जिला अध्यक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ब्लॉक और बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ बनानी है। जनता के बीच जाकर उनके दर्द और पीड़ा को समझो और उनकी आवाज बनो। सरकार की नीतियां कमजोर और गरीबों का हक छीनकर पूंजीपतियों की तिजोरी भरने की है। ऐसी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार आंदोलन करें। राहुल गांधी गुटबाजी खत्म करने की हिदायत देते रहे और उनके प्रवास के दौरान गुटबाजी का खुला प्रदर्शन होता रहा।
डॉक्टर चरण दास महंत ने राहुल गांधी से स्पष्ट कहा यहां पर कोई किसी के साथ नहीं है और सब आपस में लड़ रहे हैं, इससे पार्टी को नुकसान हो रहा है। अगर रोका नहीं गया तो आगे पार्टी को बहुत नुकसान होने वाला है। तब राहुल गांधी ने तत्काल सचिन पायलट को बुलाकर जो राष्ट्रीय सचिव है प्रदेश कांग्रेस में ध्यान देने और सब ठीक करने को निर्देश दिया। हद तो तब हो गई जब देवेंद्र यादव के समर्थक सोशल मीडिया में भूपेश बघेल के फोटो को काटकर राहुल गांधी के साथ देवेंद्र यादव का फोटो अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में लगाते रहे। इसका मतलब चेलेऔर गुरु के भी संबंधों में खटास आ गई है। एयरपोर्ट पर सभी विधायकों का राहुल गांधी के स्वागत के लिए लिस्ट में नाम रखा गया था और बुलाया गया था लेकिन पहुंचे सिर्फ पांच विधायक… यह भी आश्चर्य का विषय है कहीं बहुत बड़ा झटका कांग्रेस पार्टी को प्रदेश में भी मिलने तो नहीं जा रहा। एक महामंत्री का तो एटीसी से पास भी बन गया था। लेकिन प्रभारी प्रदेश महामंत्री ने तत्काल इसे कैंसल कराया यह चर्चा का विषय प्रदेश कांग्रेस में रहा। जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि आपको किसी प्रकार की शिकायत दिखती है या बड़े नेताओं का व्यवहार पार्टी के प्रति खराब है या किसी प्रकार की आपको तकलीफ है तो सीधा आप मुझे कंप्लेंट करें मुझे डायरेक्ट फोन करे। इससे स्पष्ट पता चलता है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी गुटबाजी को लेकर कांग्रेस आलाकमान की माथे पर लकीरें खींची दिखी।
