publicuwatch24.-रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीदें जुड़ती नजर आईं। इस कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं की जानकारी को लेकर विशेष पहल की गई। ग्रामीण जगेशर ने अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर आवेदन दिया था, जिस पर मौके पर ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार इस तरह के आयोजन से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होता है और लोगों को अपनी बात रखने का सीधा मंच मिलता है। ग्रामीण जगेशर के लिए यह अनुभव राहत और विश्वास का संकेत माना जा रहा है, जिससे उसे आगे बेहतर परिणाम की उम्मीद है।
डिगेश को आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, स्वयं आसानी से कर सकेगा आवागमन
डिगेश के पिता संतराम अजय ने बताया कि उनका बेटा बचपन में अन्य बच्चों की तरह खेलता-कूदता और दौड़-भाग करता था, लेकिन सात वर्ष की उम्र में अचानक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसका चलना-फिरना बंद हो गया। तब से परिवार को उसे हर जगह ले जाने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने बताया कि गांव में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर आयोजित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने बेटे के लिए ट्रायसिकल हेतु आवेदन किया था। आवेदन के बाद शिविर में ही उनके बेटे को ट्रायसिकल उपलब्ध करा दी गई। संतराम अजय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से उनके बेटे को नई जिंदगी मिली है। अब डिगेश आत्मनिर्भर होकर स्वयं अपने काम कर सकेगा और कहीं आने-जाने में उसे कठिनाई नहीं होगी।
कमली के चेहरे पर लौटी मुस्कान
बलरामपुर जिले के पाढ़ी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचीं कमली वर्षों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की कोशिश कर रही थीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली कमली को उम्मीद थी कि शायद इस बार उनकी समस्या का समाधान हो जाए। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने उनका आवेदन तत्काल लिया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बना दिया। कार्ड हाथ में आते ही कमली के चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई देने लगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब जरूरत पड़ने पर परिवार को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और पांच लाख रुपए तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीण और श्रमिक परिवारों के लिए गंभीर बीमारी अक्सर आर्थिक संकट का कारण बन जाती है। सीमित आय वाले परिवार इलाज के खर्च के कारण कर्ज और परेशानी में घिर जाते हैं। कई बार लोग पैसों की कमी के कारण समय पर उपचार भी नहीं करा पाते। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
ग्रामीणों के लिए रहा लाभकारी
कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के अड़ेंगा गांव में आयोजित सुशासन तिहार में 12 श्रम पंजीयन कार्ड, 30 आधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हितग्राहियों को चाबी, 15 जॉब कार्ड, 17 जाति प्रमाण पत्र, 30 लखपति दीदी प्रमाण पत्र, 06 किसान क्रेडिट कार्ड, 24 आयुष्मान कार्ड, 10 जन्म प्रमाण पत्र, 20 डिजिटल किसान कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 15 जाति प्रमाण पत्र और 10 निवासी प्रमाण पत्र, 11 राशन कार्ड, उद्यानिकी विभाग द्वारा 200 पौधों का वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा 04 मोटराईज्ड सायकल, मत्स्य पालन विभाग द्वारा 01 मत्स्य जाल, 04 जन्म प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय परिवार सहायता पेंशन 03 को और क्रेडा विभाग द्वारा 01 हितग्राही को सौर सुजला योजना से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 128 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई।
चित्रलेखा के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत
सुशासन तिहार 2026 में जांजगीर-चांपा की चित्रलेखा को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत आटा चक्की प्रदान की गई, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत हुई है। चित्रलेखा लंबे समय से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए रोजगार के अवसर की तलाश कर रही थीं। सीमित संसाधनों के कारण उनके पास नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। ऐसे में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया। शिविर में उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आटा चक्की उपलब्ध कराई गई। अब वे अपने गांव में ही अनाज पिसाई की सुविधा प्रदान कर सकेंगी, जिससे उन्हें घर बैठे नियमित आय प्राप्त होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। चित्रलेखा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला है और आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खुला है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंच रही हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दे रही हैं।

ई-केवाईसी के लिए भटक रही भावना को मिला तत्काल समाधान
नगर पालिका लोरमी की निवासी भावना देवांगन को भी सुशासन तिहार शिविर में तत्काल राहत मिली। लंबे समय से ई-केवाईसी की समस्या से परेशान भावना देवांगन विभिन्न कार्यालयों और सेवा केंद्रों के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उनका कार्य समय पर नहीं हो पा रहा था। इसके कारण उन्हें शासन की कई योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं मिलने से वे निराश हो चुकी थीं। इसी दौरान उन्हें क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार शिविर की जानकारी मिली। शिविर में पहुंचने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई। कुछ ही समय में उनका कार्य पूरा हो गया, जिससे भावना बेहद खुश नजर आईं।
भावना ने कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी पहल साबित हो रहा है। यहां लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और शासन की योजनाओं की जानकारी भी सरल तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी पूर्ण होने के साथ ही उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी मिली, जिससे भविष्य में उन्हें लाभ लेने में आसानी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक प्रशासन को पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने शिविर में अधिकारियों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यप्रणाली की भी सराहना की।
किसान संतोष को जीरो ब्याज दर पर ऋण सुविधा का मिलेगा लाभ
पोखरा गांव में आयोजित सुशासन तिहार में किसान संतोष साहू को केसीसी सह पासबुक प्रदान किया गया। केसीसी सह पासबुक मिलने से किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। जिससे वे खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था आसानी से कर सकेंगे। साथ ही धान विक्रय से संबंधित राशि का भुगतान एवं बैंकिंग लेन-देन भी अधिक सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ हो सकेगा।शासन द्वारा किसानों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केसीसी सह पासबुक मिलने से किसानों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध होगी। जिससे खेती के लिए आवश्यक सामग्रियों की खरीद आसान होगी तथा कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। किसान संतोष साहू ने केसीसी सह पासबुक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए CM विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है तथा अब खेती कार्य और अधिक सुगमता से किया जा सकेगा।
सहायक उपकरण और पेंशन स्वीकृति से मिली संबल की नई उम्मीद
उम्र के इस पड़ाव में जहां सहारे की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वहां शासन की संवेदनशील पहल वरिष्ठजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेशभर में संचालित “सुशासन तिहार” अब केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि आमजन की उम्मीदों और विश्वास का उत्सव बन गया है। गांव-गांव आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम राजपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए यादगार अवसर बन गया। समाज कल्याण विभाग रायगढ़ द्वारा राजपुर के तेजराम पैंकरा व रामचंद्र चौहान एवं कुंपटिया पारा ढाप के सुखराम को सेटेबल वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। सहायक उपकरण पाकर हितग्राहियों के चेहरे पर संतोष, आत्मीयता और खुशी साफ दिखाई दी। वर्षों से दैनिक जीवन में होने वाली कठिनाइयों के बीच यह सहायता उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई। वहीं सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत नलसाय पैंकरा, राय बहादुर बेहरा, मोहन बेहरा एवं विद्याधर पात्र को पेंशन स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही मुख्यमंत्री विधवा पेंशन योजना अंतर्गत देवमती पैंकरा को भी स्वीकृति पत्र सौंपा गया। पेंशन स्वीकृति मिलने से हितग्राहियों को आर्थिक संबल के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भरोसा मिला है।
