publicuwatch24.-दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग के लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन विकास कार्यों का अनुमोदन एवं प्रावधानित बजट सहित नवीन स्वीकृत कार्यों पर विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ माननीय जनप्रतिनिधियों की सुझाव पर चर्चा हुई। प्राधिकरण की प्रथम बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए चलाए जा रहे योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की स्थिति के क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण बैठक थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए चलाये जा रहे योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना था।
मुख्यमंत्री ने बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का सही समय पर और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं और कार्यक्रमों का बेहतर संचालन करते हुए सीधे तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र के हित को ध्यान में रखकर सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री ने बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। समीक्षा बैठक में ऐसे विकास कार्य जो अप्रारंभ एवं प्रगतिरत है, ऐसे विकास कार्यों को दो महीने की समय सीमा में पूर्ण करने निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यक्रम का बेहत्तर संचालन करते हुए क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया जाना है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से चर्चा कर विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है। राज्य के ग्रामीण एवं नगर पंचायत के विकास के लिए क्षेत्रीय नेतृत्व से सलाह प्राप्त कर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण किया जाना है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में क्षेत्रीय ढांचागत विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं के स्तर तक क्रमबद्ध तरीके से पहुंच सुनिश्चित किया जाना है। जन अपेक्षा के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति दिया जाना है। विकास से संबंधित नीतियों, प्राथमिकताओं के अनुसार क्षेत्रीय विकास के लिए राज्य शासन को आवश्यक सुझाव दिया जाना है। साथ ही साथ पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित किया जाना है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल है। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के कार्य, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के कार्य, शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का कार्य शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अंतर्गत प्रमुख रूप से शिक्षा और छात्रावासों पर जोर दिया गया है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चर्चा हुई। छात्रावासों का उन्नयन, प्रदेश में स्थित ओबीसी छात्रावासों के रख-रखाव और वहां सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। रोजगार और कौशल विकास पर मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि राज्य के पिछड़ा वर्ग के युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनाया जाए। बैठक में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में जहाँ ओबीसी आबादी अधिक है, वहां सड़कों, सामुदायिक भवनों और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए फंड आवंटित करने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश दिया कि हमारी सरकार का लक्ष्य ’सबका साथ, सबका विकास’ है। पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण की भूमिका केवल बजट आवंटित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। बैठक से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ओबीसी समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध कुमार सिंह, वासवराजू, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, 17 जिलों के कलेक्टर एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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Saturday, May 2
