सफाई देने वाले अफसर प्रदेश में बाउंसर कंपनियों की कमी होने की कर रहे बात
सवाल है कि आखिर प्रशासन वसीम बाबू द्वारा संचालित बाउंसर कंपनी की मान्यता रद्द क्यों नहीं करती
एक नहीं कई बार वसीम बाबू के खिलाफ थाने में शिकायत के बाद FIR हुई है. ..
publicuwatch24.- रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ की खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. हाल ही में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए ODI मैच में इस लापरवाही का खुलासा हुआ, जब मैदान पर क्रिकेट खिलाड़ियों की सुरक्षा के जिम्मे कुछ ऐसे लोगों को सौंपा गया, जिन पर पहले से अपराध के मामले दर्ज हैं. इस मामले में वीडियो भी सामने आया है, जिसमें खिलाड़ियों के साथ वसीम बाबू दिखाई दे रहे हैं.
कौन है वसीम बाबू? वसीम बाबू पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके बावजूद उन्हें और उनके बाउंसर्स को टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका की टीम के नजदीक सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई. इस कदम ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञ और खेल प्रेमी यह पूछ रहे हैं कि आखिर कैसे ऐसे अपराध प्रवृत्ति वाले लोगों को खिलाड़ियों के इतने नजदीक रखा जा सकता है.
कई सारे आपराधिक रिकॉर्ड! वसीम बाबू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रायपुर में भी देखा गया है. छह महीने पहले रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में एक घटना हुई थी, जिसमें वसीम बाबू के बाउंसर्स और कुछ मीडिया कर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई. उस समय रिपोर्टर्स अस्पताल पहुंचे थे ताकि वे रायपुर में हुई चाकूबाजी की घटना की रिपोर्टिंग कर सकें. लेकिन वसीम बाबू के बाउंसर्स ने पत्रकारों को घायल व्यक्ति की रिपोर्ट बनाने से रोक दिया. मामला बढ़ा और बाउंसर्स ने पत्रकारों पर हाथापाई कर दी. इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के आधे सिर मुंडवाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला. इसके बावजूद यह चिंता का विषय है कि अब उसी व्यक्ति और उनके बाउंसर्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में खिलाड़ियों की सुरक्षा सौंप दी गई. इस घटना ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की छवि को भी प्रभावित किया है. संघ पर यह सवाल उठता है कि उन्होंने सुरक्षा प्रबंधन में इतनी बड़ी चूक कैसे की. खेल और सुरक्षा के दायरे में ऐसी लापरवाही को लेकर प्रशासकों, आयोजकों और राज्य सरकार से भी जवाब मांगा जा रहा है.
