publicuwatch24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में स्व-सहायता समूह उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला के जनपद पंचायत पेंड्रा के ग्राम कोटमीकला की गोडवाना महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं मछली पालन और सिंघाड़ा की खेती के माध्यम से आय का मजबूत स्रोत विकसित कर ‘लखपति दीदी’ बनने की ओर अग्रसर हैं।
समूह ने आजीविका गतिविधि के रूप में पिछले वर्ष ग्राम पंचायत से 5 हजार रुपए वार्षिक ठेके पर तालाब लिया था। केवल 2 हजार रुपए के मछली बीज का उपयोग कर महिलाओं ने एक ही सीजन में 18 हजार रुपए से अधिक की मछली बेचकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया। इसके बाद महिलाओं ने इसी तालाब में सिंघाड़ा की खेती शुरू की, जिसने उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
अब तक महिलाएं 15 से 20 हजार रुपए मूल्य का सिंघाड़ा बेच चुकी हैं, जबकि लगभग 70 से 80 हजार रुपए का सिंघाड़ा वर्तमान में तैयार है और इसे लगातार निकालकर बेचा जा रहा है। समूह की सदस्य श्रीमती चमेली बाई ने बताया कि महिलाएं अपने खाली समय में अगरबत्ती निर्माण भी करती हैं और स्थानीय हाट-बाजारों एवं दुकानों में आपूर्ति कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।
ग्राम कोटमीकला में बिहान के तहत स्थापित आजीविका सेवा केंद्र से कृषि, पशुपालन और अन्य आय-वर्धक गतिविधियों के लिए समूह की महिलाओं को निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिल रहा है। मेहनत, सामूहिक प्रयास और मिशन के सहयोग से महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही हैं।
Trending
- चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
- ‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- झारखंड से अवैध धान परिवहन करते दो पिकअप जब्त
- सिरोही नस्ल के बकरे ने बदली बृजलाल की तकदीर
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संवर रही ग्राम मोंगरी की राह
- श्री रामलला दर्शन योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में निःशुल्क दर्शन का लाभ
- वृद्धजनों के साथ मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’
- ’डिजिटल सुविधा से एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रहे जरूरी दस्तावेज, शासकीय सेवाओं तक पहुंच हुई सुगम’
Monday, October 26
