
रायपुर। विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया ने कहा है कि माहवारी शर्म की नहीं गर्व की बात है क्योंकि यह सृजन से जुड़ी महिलाओं में होने वाली एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाएं इसे लेकर सहज नहीं रहती. कई बार किशोरी बालिकाएं घर से बाहर नहीं निकलती,स्कूल नहीं जाती और शहरों में भी महिलाएं खुलकर इस विषय पर बात नहीं कर पाती।
मासिक धर्म महिलाओं में स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है, इसके लिए जनजागरूकता की जरूरत है. भेंड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वास्थ्य और शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए प्रयास किया जा रहा है. शुचिता योजना के तहत स्कूलों में सेनेटरी नेपकीन वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं. इसके लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गुड गवर्नेंस स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
कई स्वसहायता समूहों के माध्यम से राज्य मे सेनेटरी पैड निर्माण का काम भी किया जा रहा है. आंगनबाड़ी सहायिकाओं और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं महिलाओं को शारीरिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा है. महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग ,पंचायत विभाग,आदिवासी विकास विभाग और सामाजिक सरोकरों से जुड़ी अन्य संस्थाओं के समन्वय से मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन संबंधी विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के कारण सामने आने वाली परेशानियों के प्रति जनजागरूकता के लिए 28 मई को ‘विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस‘7 मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऐसे विश्व का निर्माण करना है जिसमें महिलाएं निजता, सुरक्षा और गरिमा के साथ स्वस्थ तरीके से जीवन जी सकें।