
रायपुर । छत्तीसगढ़ में सिटिंग एमपी का टिकट काटना भाजपा के लिए फायदेमंद रहा। पार्टी ने राज्य की सभी 11 सीटों पर नए चेहरे उतार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगा। इससे पांच महीने पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 68 सीट देने वाली जनता का मिजाज एकदम बदल गया। वोटरों ने आठ लोकसभा सीटें भाजपा को दे दी।
कांग्रेस को दो सीटें मिली हैं, जो 2014 के मुकाबले एक अधिक है, लेकिन पार्टी को सबसे बड़ी हार मुख्यमंत्री समेत चार मंत्रियों के क्षेत्र दुर्ग संसदीय सीट में मिली हैं। दुर्ग से भाजपा के विजय बघेल ने करीब साढ़े तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से कांग्रेस की प्रतिमा चंद्राकर को हराया है।
सीट की स्थति
वर्ष कुल सीट भाजपा कांग्रेस बसपा
2014 11 10 01 00
2019 11 08 02 00
हारने के कारण
उत्तर छत्तीसगढ़
– टीएस सिंहदेव को सीएम नहीं बनाना पड़ा भारी।
– राशन कार्ड पर चना व नमक बंद करने से जनता नाखुश।
– हिट रहा राष्ट्रवाद और चौकीदार का नारा।
– काम कर गई चेहरा बदलने की भाजपा की नीति।
पूर्व छत्तीसगढ़
– जनता ने नकारा कांग्रेस का किसान हितैषी होने का दावा।
– कांग्रेस के परिवारवाद से वोटरों ने किया किनारा।
– धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने का नहीं पड़ा असर।
– आधी- अधूरी कर्जमाफी से किसान नाखुश।
पश्चिम छत्तीसगढ़
– सिटिंग एमपी का टिकट काटने का भाजपा को मिला फायदा।
– बदले की राजनीति को वोटरों ने नकारा।
– कायम रहा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का प्रभाव।
मध्य छत्तीसगढ़
– दोनों सीटों पर बड़ी हार से राज्य सरकार को तगड़ा झटका।
– राहुल के चौकीदार चोर के नारे को जनता ने नकारा।
– बिजली हाफ पर भारी पड़ी बिजली की आंख मिचौली।
– सीएम समेत आधा दर्जन मंत्री इसी क्षेत्र के हैं।
– मोदी की सभा का भाजपा को मिला फायदा।
दक्षिण छत्तीसगढ़
– कश्यप परिवार को किनारे करना भाजपा को पड़ा भारी।
– अधिग्रहित जमीन वापस करने का कांग्रेस को मिला लाभ।
– आदिवासी हितों की रक्षा के वादे पर लगी मुहर।