रायपुर । बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में एक नया मोड़ सामने आ गया है। ईओडब्ल्यू ने रजनेश सिंह ने पूछताछ में जो बयान दर्ज कराया वह डीजी मुकेश गुप्ता के खिलाफ है। सूत्र बताते हैं कि दोनों के बयानों एक-दूसरे के विरोध में हैं। दरअसल फोन टैपिंग मामले में निलंबित एसपी रजनेश सिंह से ईओडब्ल्यू ने 5 घंटे तक पूछताछ की और बयान दर्ज किया। रजनेश ने अपने बयान में कहा कि नान मामले में फोन टैपिंग का आदेश तत्कालीन डीजी मुकेश गुप्ता ने ही दिया था उन्होंने ने ही यह आदेश दिया था। जबकि रजनेश इस फोन टैपिंग के पक्ष में नहीं थे। कई नंबरों के लिए अनुमति नहीं दी गई पर यहां समय अवधि खत्म होने के बाद भी बिना रोक के ही फोन टैपिंग होती रही। यह बयान ईओडब्ल्यू ने लिखित में लिया है। जबकि ईओडब्ल्यू ने फोन टैपिंग मामले में पहले मुकेश गुप्ता से बयान लिए थे उसमें उन्होंने कहा था कि फोन टैपिंग के लिए रजनेश सिंह जिम्मेदार है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उनके इस बयान की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। ऐसे में अब दोनों ही अफसरों के बयान एक दूसरे के खिलाफ़ मिल रहे हैं। जिससे ईओडब्ल्यू इन दोनों से आगे औऱ पूछताछ करेगी। दोनों अपने विरोधाभासी बयान से फंसते नजर आ रहे हैं। फिलहाल अब ईओडब्ल्यू को मुकेश गुप्ता के अगले बयान का इंतजार है। मंगलवार को मुकेश गुप्ता को पूछताछ के लिए हाजिर होना था लेकिन वे नहीं आए।ईओडब्ल्यू में पेश नहीं हुए निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता, 6 जून को फिर दर्ज होगा बयान :
मामले में निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता मंगलवार को ईओडबल्यू के समक्ष पेश नहीं हुए. मुकेश गुप्ता ने अपनी बेटी की तबियत अचानक खराब हो जाने का हवाला देते हुए ईओडबल्यू के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई और लिखित में एक आवेदन ईओडबल्यू को दिया है। मुकेश गुप्ता के वकील अमीन खान उनका ये आवेदन लेकर ईओडबल्यू के दफ्तर पहुंचे. अब इस मामले में 6 जून को मुकेश गुप्ता को दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए ईओडबल्यू के समक्ष पेश होना है. बता दें सोमवार को आईपीएस रजनेश सिंह को ईओडबल्यू ने पूछताछ के लिए तलब किया था. रजनेश सिंह अपने वकील अमीन खान के साथ ईओडबल्यू के सामने पेश हुए थे. बताया जा रहा है कि रजनेश सिंह से फोन टेपिंग मामले में पहली बार इस तरह पूछताछ की गई है। अब रजनेश सिंह से पूछे गए सवालों के जवाब को जांच अधिकारी मुकेश गुप्ता के जवाबों से क्रॉस चेक करेंगे।