
रायपुर । मतगणना स्थल पर भाजपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं पर हमला हो सकता है। यह आशंका प्रदेश भाजपा कमेटी ने जताई है। पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र सौंपकर मतगणना स्थल पर भाजपाई की सुरक्षा की मांग की है। साथ में यह भी अपील की है कि मतगणना स्थल पर सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए। भाजपा को यह भी आशंका है कि सत्ता स्ढऱ् दल के दबाव में मतगणना के दौरान निर्वाचन अधिकारी गड़बड़ी भी कर सकते हैं। भाजपा के चुनाव विधिक विभाग के प्रदेश संयोजक नरेश चंद्र गुप्ता के साथ पार्टी के कुछ पदाधिकारी मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य निर्वाचन अधिकारी सत्तास्ढऱ् दल कांग्रेस के दबाव में काम कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान भी निर्वाचन अधिकारियों ने कांग्रेस के पक्ष में काम किया था, जिसकी शिकायत की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 मई को लोकसभा चुनाव की मतगणना होनी है। निष्पक्ष मतगणना के लिए केंद्रों में निष्पक्ष प्रेक्षकों की नियुक्ति करने की अपील की है। भाजपाइयों ने यह भी कहा है कि उन्हें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है, मतगणना के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला हो सकता है। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा है कि मतगणना स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं को किसी तरह की क्षति होती है, तो उसके लिए प्रभारी अधिकारी जवाबदार होंगे।
कार्यशैली-निष्पक्षता पर उठे हैं सवाल
ईवीएम की निष्पक्षता को लेकर देश भर में मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पूरी गणना वीवीपैट से करने की मांग की है। भूपेश बघेल ने ट्विट कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किये हैं। भूपेश बघेल ने ट्विट कर कहा है कि चुनाव आयोग की कार्यशैली एवं निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। दल ईवीएम के बारे में पहले भी शंका जाहिर कर चुके हैं और सत्ताधारी दल को छोड़कर सभी ने पारदर्शिता की बात की है। सन्देह की स्थिति में पूरी गणना वीवीपैट से करनी चाहिए। इस जायज़ मांग को चुनाव आयोग क्यों नहीं मान रहा है? 19 विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर ईवीएम को लेकर सवाल खड़े किये थे। विपक्षी पार्टियों की मांग है कि सभी गणना वीवीपैट से करनी चाहिए। इससे पहले कांग्रेस, सपा, बसपा, टीडीपी, टीएमसी, आरजेडी, जेडीएस, सीपीआई, सीपीएम, एनसीपी और डीएमके आदि पार्टियों के नेता की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस के अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, टीएमसी के डेरेक ओÓब्रायन, बसपा के सतीश मिश्रा, टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू, सपा के रामगोपाल यादव, सीपीएम के सीताराम येचुरी आदि नेता मौजूद रहे। वोटिंग के बाद से ही विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी।
काउंटिंग को लेकर कांग्रेस ने
की ये खास तैयारी
एग्जिट पोल के आकड़ों से कांग्रेस संगठन में मची हलचल के बीच कांग्रेस ने मतगणना को लेकर छत्तीसगढ़ में एक खास रणनीति तैयार की है. लोकसभा चुनाव में मतदान समाप्ति के बाद आए विभिन्न एक्जिटपोल से कांग्रेस के भीतरखाने हलचल मची हुई है और इसी हलचल के बीच छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मतगणना के लिए एक खास रणनीति तैयार की है. जिसके तहत मतगणना स्थल पर काउटिंग एजेंट के रूप में कांग्रेस लीगल सेल के सदस्यों की तैनाती की जाएगी. साथ ही कांग्रेस मुख्यालय में निर्मित कंट्रोल रूम में भी लीगल सेल के सदस्य उपस्थित रहेंगे ताकी किसी भी तरह के लीगल मसलों पर उनकी सेवाएं ली जा सके। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि मतगणना के लिए पार्टी की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है. इस बार कुछ खास रणनीति के तहत मतगणना की तैयारी पार्टी ने की है. मतगणना कार्यों पर नजर रखने के लिए भी कांग्रेस ने उच्च स्तर पर जिम्मेदारियां तय की है, जिसके तहत खुद पीसीसी चीफ और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी से प्रदेशभर पर नजर रखेंगे तो वहीं मोहम्द अकबर राजनांदगांव में, ताम्रध्वज साहू दुर्ग में, कवासी लखमा बस्तर के दोनों सीटों पर नजर रखेंगे। मंत्री रूद्र गुरू महासमुंद पर, शिव डहरिया रायपुर, जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर, कोरबा और जांजगीर, प्रेमसाय सिंह टेकाम सरगुजा और रायगढ़ पर नजर रखेंगे। किसी भी तरह से गड़बडिय़ों पर खुद ही संज्ञान लेंगे। बहरहाल देखना होगा कि एक्जिटपोल के आकड़ों के बाद कांग्रेस की इस खास तैयारी का कितना फर्क पड़ता है।