
रायपुर । जो आपके पास अधिक है, वो यहाँ छोड़ जाएं जो आपकी जरूरत का है, यहाँ से ले जाएं इस उदेश्य से बनाया गया नेकी की दीवार की अब बड़ी दयनीय स्थिति में हैं। बता दे कि यह स्मार्टसिटी मोर रायपुर के तहत व प्रदेश में पूर्व सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की एक अनोखी प्रोजेक्ट्स में एक थी जिसे शहर के जरूरतमंद गरीब लोगो के लिए बनाया गया है। इस दिवार में आप जरूरतमंदो के लिए ना केवल कपडे बल्कि किताबें ,जूते या अन्य वास्तु जो आपके काम में नहीं है उसे आप इस दिवार पर रख सकते हैं। एक ओर जहाँ पूर्ववर्ती सरकार ने इस पर लाखो रूपए खर्च कर शहर के प्रमुख स्थानों पर बनाया था वहां की स्थिति आप साफ़ तौर पर इन तस्वीरो पर देख सकते हैं। ये हैं जी.ई रोड स्थित शहर के हृदय स्थल में बना हुआ अनुपम गार्डन से लगा हुआ नेकी का दिवार जहाँ आप देख सकते हैं कि, इस पर बने हुए शेल्फ ,विशिंग वेल यानि मन्नत मांगने वाला कुआँ और किताबो वाला पेड़ किस तरह खाली है और नीचे किस तरह से कपड़े बिखरे हुए है। यह नज़ारा नेकी के दिवार के दोनों तरफ का है जहाँ लोग अपनी चीज़े दान के रूप में नहीं बल्कि कूड़ेदान समझ कर फेंक कर जा रहे है। नतीजन ये कपड़े सड़क पर भी बिखरे हुए मिलेंगे वही दूसरी और ये नज़ारा है शंकरनगर स्थित बने हुए नेकी के दीवार का जहाँ बेतरतीब पड़े हुए है कपडे व अन्य सामान जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अन्य लोगो को अपनी वस्तुए रखने की जगह नहीं मिल पा रही है और वे इसे उचित जगह रखने की बजाय बेहिसाब से रख रहे हैं।
बारिश से बचाव नहीं
शहर को सूंदर बनाने के लिए 38 लाख रूपए खर्च कर बनाये गए इस नेकी के दिवार में बारिश के लिए कोई समूचे व्यवस्था नहीं किया गया हैं। जिससे दान किये गए कपडे जुते व किताबे हो रहे हैं खऱाब जिससे जरूरतमंद उनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
असुरक्षित नेकी की दीवार
बता दे कि यहाँ जरूरतमंद लोगो के लिए यदि कोई दान करता है जैसे किताबे कपड़े व् अन्य कोई अमूल्य वस्तु तो वे चीज़े यहाँ सुरक्षित नहीं है। जी हां कुछ लोग जो जरूरतमंद नहीं है वे यहाँ के चीज़ो को उठाकर अन्य बाजारों में जाकर बेच देते है या कही पुराने कपड़े देकर इन्हे बदल देते है। इस तरह से यह नेकी की दिवार कई मायनो में असुरक्षित हैं बेसुध आला अधिकारी
स्मार्ट सिटी और नगर निगम की यह जिम्मेदारी हैं की शहर में बने इन जगहों की सही देखभाल करना व् आम लोगो तक इसका सही लाभ पहुंचना हैं। इन जगहों पर कोई देखरेख करने वाला चौकीदार भी नहीं हैं, वही जिम्मेदार अधिकारी बेसुध होगये हैं इन्हे न ही किसी प्रकार से सही जानकारी है और न ही इसे लेकर वे सजग है। इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह नेकी की दिवार आने वाले दिनों में इसकी स्थिति और कितनी बदहाल होने वाली हैं। देखना अब यह हैं कि कब जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लेते है और इसका सही तौर पर सरंक्षण करते हैं।