
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कुछ दिन पहले हुए युवक की हत्या की शिनाख्त हो गयी है। दरअसल, घर से गोवा घूमने जाने के लिए निकले युवक की हत्या कर उसकी लाश को गंगरेल डैम में डाल दिया गया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल को सुलझाने के लिए अपना जाल फैला दिया है। उसके दोस्तों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार रायपुर जिले के मुड़पार खरोरा निवासी गोविंदा ढीमर (24) पिता श्यामलाल विगत 21 अप्रैल को अपने घर से गोवा घूमने जाने के नाम से निकला था। इस बीच 22 अप्रैल को उसने अपने परिजनों से भी बातचीत की। फिर उसके बाद दोबारा संपर्क नहीं हुआ। परिजन इससे परेशान हो गए। इस बीच मृतक का भाई गोकुल ढीमर अपने दोस्तों के साथ उसकी खोजबीन करते हुए गंगरेल डैम में आया। फोटो दिखाकर वह पूछताछ कर रहा था, तभी कुछ लोगों ने उसे जानकारी दी कि एक अज्ञात युवक की लाश मिली है। इसके बाद वह सीधे रूद्री थाना पहुंचा।
यहां पुलिस ने जब मृतक का फोटो दिखाया, तो उसने अपने भाई के रूप में इसकी शिनाख्त की। इसके बाद सोमवार को उसके परिजनों ने मृतक के जीस कपड़े-पैंट, जूते और हाथ में कड़ा देखकर उसकी पुष्टि कर दी। गौरतलब है कि पिछले 28 अप्रैल को गोविंदा ढीमर की लाश डैम में मिली थी। उसके दोनों हाथ सामने की ओर से रस्सी से बंधे हुए थे। उसके सीने में पत्थर से भरा एक बैग भी मिला। पुलिस का कहना है कि हत्या करने के बाद उसकी लाश को डूबाने के उद्देश्य से बैग में पत्थर रखकर उसे फेंक दिया गया था। पुलिस ने उसकी शिनाख्त करने के लिए अपने स्तर पर काफी खोजबीन भी की। इस बीच जब कोई पता नहीं चला तो 30 अप्रैल को स्वर्गधाम सेवा समिति ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
फोटोग्राफी का शौक : पुलिस ने बताया कि युवक गोविंदा ढीमर मोबाइल रिपेयरिंग और फोटोग्राफी का काम करता था। उसे सैर सपाटे का काफी शौक था। अक्सर वह अपने दोस्तों के साथ रमणीयक स्थलों में जाकर फोटोग्राफी करता था। इस सिलसिले में वह पूर्व में भी कई बार गंगरेल डैम आ चुका था। बहरहाल, पुलिस यह पता लगा रही है कि अंतिम समय उसके साथ कौन था।
चाकू मारकर हत्या : इधर, युवक की शिनाख्त होते ही रूद्री पुलिस की जांच में तेजी आ गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पहले गोविंदा के पेट में चाकू से हमला किया है। इसके बाद उसका गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। पश्चात साक्ष्य छुपाने उसकी लाश गंगरेल बांध में फेंक दिया।