रायपुर। राजधानी से सटे गांवों के तालाबों का जल स्तर लगातार घट रहा है। इसके कारण बोरवेल का जल स्तर भी घट रहा है। किसानों का एक मात्र सहारा बोरवेल ही हैं। किसानों ने तालाबों को भरने के लिए सिंचाई विभाग के कई बार आवेदन दिए। विभाग ने अब इस पर संज्ञान लिया है।
राजधानी से सटे गांवों के तालाबों का जल स्तर लगातार घट रहा है। इसके कारण बोरवेल का जल स्तर भी घट रहा है। किसानों का एक मात्र सहारा बोरवेल ही हैं। किसानों ने तालाबों को भरने के लिए सिंचाई विभाग के कई बार आवेदन दिए। विभाग ने अब इस पर संज्ञान लिया है। सभी ग्राम पंचायतों के तालाबों को भरने के लिए 15 अप्रैल तक नहरों के माध्यम से पानी छोड़ने की तैयारी में जुट गया है। इससे सभी क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ जाएगा। ज्ञात हो कि गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। अब किसानों को तालाब में पशुओं को नहलाने, गर्मी से राहत देने सहित साग-सब्जियों के लिए पानी की जरूरत है। जनपद पंचायत-अभनपुर, छछानपैरी, धमतरी, सेजबहार, बकतरा, परसदा, गातापार आदि गांवों के किसानों ने जल विभाग में पानी छोड़ने के लिए आवेदन दिया था।
विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक गांव में लगभग 3 तालाब होते हैं, जिनका पानी उपयोग में लाया जाता है। जल स्तर लगातार गिर रहा है। रायपुर से थोड़ी दूर जाने पर अभनपुर, बकतरा, गातापारा जैसे गांवों में जल स्तर 300 फीट से नीचे चला गया है। इसलिए यहां के किसानों ने तालाब में पानी छोड़ने के लिए आवेदन दिया है। जो पुराने बोरवेल हैं उनकी गहराई 200 से 300 फीट थी, अब नए बोरवेल की गहराई 400 फीट से अधिक है। इससे दूसरे बोरवेल में पानी का स्तर घट गया है। हालांकि तालाबों में पानी भरने से बोरवेल के आसपास जल स्तर बढ़ जाता है।