रायपुर । प्रदेश की 11 में से पांच लोकसभा सीटों से अब तक भाजपा और कांग्रेस ने महिला प्रत्याशियों को मैदान में नहीं उतारा है। वो पांच सीट रायपुर, महासमुंद, सरगुजा, राजनांदगांव और बस्तर है। बाकी आधा दर्जन लोकसभा सीटों की बात की जाए, तो महिला को टिकट देने में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस आगे रही है।
यह बात अलग है कि कांग्रेस की टिकट से अब तक एक भी महिला सांसद नहीं बन पाई है। भाजपा ने महिला प्रत्याशी कम उतारे, लेकिन उसकी टिकट ने दो महिलाओं को संसद पहुंचाया। लोकसभा चुनाव को इतिहास जो भी रहा हो, लेकिन 2018 के लोकसभा चुनाव में दोनों राजनीतिक दलों में टिकट की दावेदारी करने वालों में महिलाएं पीछे नहीं हैं।
भाजपा और कांग्रेस की अलग-अलग बात की जाए, तो भाजपा ने रायपुर, महासमुंद, सरगुजा, राजनांदगांव, बस्तर के अलावा कांकेर और रायगढ़ लोकसभा सीट से भी अब तक महिला को प्रत्याशी नहीं बनाया है। वर्ष 1998 से 2014 तक हुए पांच लोकसभा चुनाव में भाजपा ने तीन महिलाओं को दो-दो बार टिकिट दिया।
इसमें कमला देवी पाटले, सरोज पांडेय और कस्र्णा शुक्ला शामिल हैं। पाटले जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट से 2009 व 2014 में सांसद चुनी गईं। वहीं, पांडेय 2009 में दुर्ग से सांसद बनीं, लेकिन 2014 में उसी सीट से हार गई थीं। शुक्ला 2004 में जांजगीर-चांपा सीट से चुनाव जीती थीं।
2009 में भाजपा ने उन्हें कोरबा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया था, जिसमें वो हार गई थीं। कांग्रेस ने वर्ष 1998 से 2014 तक हुए लोकसभा चुनाव में आठ महिलाओं को प्रत्याशी बनाया। इसमें केवल एक नेत्री फूलोदेवी नेताम ऐसी हैं, जिन्हें दो बार टिकट मिली। कांकेर लोकसभा सीट फूलोदेवी नेताम को 2009 और 2014 में चुनाव लड़ाया, दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
फूलोदेवी के पहले कांकेर लोकसभा सीट से 1999 में झबीला नेताम, 2004 में गंगा पोटाई ने चुनाव लड़ा था। रायगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस ने 1999 में पुष्पादेवी सिंह और 2014 में आरती सिंह को प्रत्याशी बनाया था। बिलासपुर लोकसभा सीट से 1998 में कन्या कुमारी एलियस तन्या अनुरागी, 2009 में डॉ. रेणु जोगी ने कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ा था। इसी सीट से भाजपा छोड़ने वाली पूर्व सांसद कस्र्णा शुक्ला को कांग्रेस ने 2014 में टिकट दिया था।
दोनों दलों की नेत्रियों में टिकट की आस
भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के आला नेता चाहे विधानसभा चुनाव हो या फिर, लोकसभा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव, सभी में महिलाओं को प्राथमिकता के साथ टिकट देने की बात कहते हैं। अभी विधानसभा चुनाव हुआ, तो भाजपा ने 10, तो कांग्रेस ने 12 महिलाओं को टिकट दिया था।
दोनों राजनीतिक दलों की जिन वरिष्ठ नेत्रियों या पूर्व विधायकों को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला, अब वो लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठीं हैं। दोनों दलों से दावेदारी कर रही नेत्रियों को उम्मीद है कि दो से तीन सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारे जा सकते हैं।
कांकेर सीट से लगातार चार बार महिला प्रत्याशी
एकमात्र कांकेर लोकसभा सीट ऐसी है, जहां से कांग्रेस पिछले चार चुनाव में महिला प्रत्याशी उतार रही है। हालांकि, हर बार पार्टी को यह सीट गंवानी भी पड़ी है।
कांग्रेस ने हर चुनाव में महिलाओं को दिया टिकट
चुनाव-भाजपा-कांग्रेस
1998-0-1
1999-0-2
2004-1-1
2009-3-2
2014-2-3
भाजपा ने छह, कांग्रेस ने पांच सीटों से रखा दूर
सीट-भाजपा-कांग्रेस
सरगुजा-0-0
रायगढ़-0-2
जांजगीर-3-0
कोरबा-1-0
बिलासपुर-0-3
राजनांदगांव-0-0
दुर्ग-2-0
रायपुर-0-0
महासमुंद-0-0
बस्तर-0-0
कांकेर-0-4